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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद सभी 8 आरोपी गिरफ्तार, SIT ने 23 जून को सौंपी थी प्रारंभिक रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी खबर है. एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भेंट और चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है. इस सनसनीखेज दान प्रकरण में दर्ज एफआईआर के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और विशेष जांच दल (SIT) की कठोर संस्तुतियों के बाद यह ताबड़तोड़ एक्शन लिया गया है.

गुरुवार को दर्ज हुई थी एफआईआर, रात में ही हुई गिरफ्तारी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट/चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी के प्रमुख सदस्य और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. इस रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार (25 जून) को श्रीराम जन्मभूमि थाने में अपराध संख्या 90/2026 के तहत पहली एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि गुरुवार देर रात तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक पुलिस ने मामले के सभी मुख्य किरदारों को दबोच लिया.

शिकायत में ये 8 आरोपी किए गए थे नामजद

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज कराई गई इस एफआईआर में जिन 8 लोगों को नामजद किया गया था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम नीचे दिए गए हैं:

अविनाश शुक्ला

अनुकल्प मिश्रा

लवकुश मिश्रा

मनीष कुमार यादव

करुणेश पाण्डेय

रमाशंकर मिश्रा

सुभाष श्रीवास्तव

श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू

इन 8 नामजद आरोपियों के अलावा इस सिंडिकेट में कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी अभियुक्त बनाया गया है, जिनकी तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है.

सभी पर लगीं गंभीर धाराएं

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ कानून का सख्त शिकंजा कसा गया है. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 13(1)(a) के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस मामले की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम इन सभी 8 गिरफ्तार आरोपियों से गुप्त स्थान पर कड़ी पूछताछ कर रही है, जिससे इस बात का खुलासा हो सके कि चोरी की गई रकम को कहां ठिकाने लगाया गया है.



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