Ram Mandir Donation Scam
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव सहित 17 लोगों को इसके लिए आरोपी माना है. माना जा रहा है कि इन सबके खिलाफ FIR हो सकती है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी है.
जब SIT की टीम मामले की जांच करने पहुंची तो दानपात्र की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास मिली. बताया जा रहा है कि राम मंदिर में कम से कम 200 करोड़ रुपये की चोरी हुई है. जिसमें से 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है.
जांच टीम ने मंदिर से जुड़े हुए 150 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया है. ये वो लोग हैं जिनकी साल 2024 में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक स्थिति में जबरदस्त बदलाव आया. दैनिक भास्कर कि रिपोर्ट के अनुसार इनलोगों में चंपत राय का करीबी फूलकांत मिश्रा भी शामिल है. उसके पास इस समय 3 लग्जरी कारें हैं, जिनकी कीमत 25 लाख रुपये है.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
बताया जा रहा है कि SIT ने सिफारिश की है कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए और ट्रस्ट को दोबारा गठित किया जाए. जांच टीम ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है. अपनी रिपोर्ट में टीम ने यह भी कहा है कि पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराया जाए.
इसके अलावा SIT की टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किये हैं. गौरतलब है कि ट्रस्ट में कौन रहेगा किन सदस्यों को हटाया जाएगा, यह सब पीएमओ ही तय करेगा.
ऐसे खुली चोरी की पोल
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी बहुत पहले से चल रही थी. सेवादारों को इसकी जानकारी थी, पर इसमें बड़े लोग शामिल थे, इसलिए वो अपना मुंह नहीं खोल रहे थे. मंदिर में सेवादारों के कई गुट बन चुके थे. जब पिछले 2 सालों में टिन्नू यादव का दबदबा बढ़ गया तो इस गुट ने प्लानिंग करके इसकी जानकारी मीडिया और विपक्षी नेताओं तक पहुंचा दी. बताया जा रहा है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी 200 करोड़ से ज्यादा की है.
-भारत एक्सप्रेस
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