उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज में पुलिस कर्मी ने ड्यूटी के दौरान डूब रहे 5 वर्षीय बच्चे को बचाया और मानवता की मिसाल पेश की. यह पूरा मामला सीसीटीवी कैमरों में कैद. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने आरक्षी गौरव को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की.
उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज में मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक मिसाल देखने को मिली. उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सतर्क जवान रिक्रूट आरक्षी गौरव कुमार ने ड्यूटी के दौरान अपनी सूझबूझ और तत्परता से ड्यूटी स्थल के समीप एक 5 वर्षीय बच्चे को गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से बचा लिया. यह पूरा मामला सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया. जिससे उनकी जिले में काफी प्रशंसा हो रही है. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने आरक्षी गौरव को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है.
जानिए क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज में पुलिस की तत्परता और मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला है. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षी गौरव कुमार (चेस्ट नंबर 85, टोली नंबर 03 के कमांडर) ने ड्यूटी के दौरान अपनी सूझबूझ और साहस से एक 5 वर्षीय बच्चे की जान बचाकर पूरे जिले की वाहवाही बटोर ली है. यह पूरी घटना पास ही में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद उनकी बहादुरी को हर ओर सराहा जा रहा है.
गड्ढे में कैसे गिरा बच्चा?
यह घटना कोतवाली सदर क्षेत्र के एटा रोड कासगंज बाईपास तिराहा, सौरभ होटल के पास की है. यहां निर्माण कार्य के लिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जो बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ था. खेलते-खेलते 5 वर्षीय मासूम अचानक उस गहरे गड्ढे में गिर गया और डूबने लगा. बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए, लेकिन पानी की गहराई और कीचड़ के वजह से कोई भी तुरंत पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था.
जान पर खेल बचाई मासूम की जान
बता दें कि बच्चे के गिरने की घटना के वक्त गौरव कुमार अपने रूटीन के अनुसार गश्त पर थे. तभी उनकी नजर भीड़ पर पड़ी और स्थिति को गंभीर समझते हुए उन्होंने बिना कुछ सोचे समझे पानी से भरे गड्ढे में छलांग लगा दी. कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला. उस समय बच्चा अत्यधिक डरा हुआ था और पानी पेट में जाने की वजह से अचेत अवस्था में था. जिसके बाद पुलिसकर्मी ने उसे तुरंत प्राथमिक उपचार (CPR) दिया और तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ अब बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.
परिजनों ने गौरव कुमार को बताया भगवान
इस घटना पर पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि पुलिस का असली धर्म केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट में पड़े जीवन की रक्षा करना भी है. गौरव कुमार ने जो साहस दिखाया है, वह पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है. घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने भावुक होते हुए पुलिसकर्मी का आभार व्यक्त किया और उन्हें ‘वर्दी में भगवान’ की संज्ञा दी. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर एक संवेदनशील और मानवीय हृदय धड़कता है.
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-भारत एक्सप्रेस
Edited By: Shubhra Rai (Intern)
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