Budaun Police Encounter: उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी, जिसने हर किसी का खून खौला दिया था. एक 60 साल के दरिंदे ने अपने ही दूर की रिश्तेदारी में लगने वाली 4 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर अपनी हवस का शिकार बनाया. लेकिन यूपी पुलिस ने भी इस ‘हैवान’ को ऐसी खौफनाक सजा दी है कि वह अब ताउम्र अपने पैरों पर खड़ा होने से पहले हजार बार सोचेगा! पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी अबरार के दोनों पैरों में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया है.
25 जून की वो खौफनाक रात… (budaun girl rape case)
यह पूरी खौफनाक घटना 25 जून 2026 की रात की है. बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 4 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई. परिवार वालों ने पागलों की तरह उसे ढूंढा, लेकिन जब वह नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस की तलाशी के दौरान बच्ची एक खेत में बदहवास हालत में मिली.
मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि उस मासूम के साथ बर्बरता से दुष्कर्म किया गया है. पुलिस जांच में पता चला कि उसी गांव का रहने वाला 60 वर्षीय अबरार (Abrar), जो बच्ची का दूर का रिश्तेदार है, उसे उठाकर खेत में ले गया था और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया.
पुलिस पर फायरिंग, दरोगा को लगी गोली
आरोपी की तलाश में एसओजी (SOG), सर्विलांस और अलापुर पुलिस की संयुक्त टीमें रात-दिन एक कर रही थीं. जब पुलिस को अबरार की लोकेशन मिली और उसे गिरफ्तार करने के लिए घेराबंदी की गई, तो इस दरिंदे ने पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया. इस ताबड़तोड़ फायरिंग में पुलिस उपनिरीक्षक (SI) गौरव कुमार को गोली लग गई और वह घायल हो गए.
जवाबी कार्रवाई में ‘हाफ-एनकाउंटर’
अपने दरोगा को घायल देख पुलिस ने भी अपने हथियार खोल दिए. जवाबी फायरिंग (Budaun Retaliatory Firing) में पुलिस ने सीधा अबरार के दोनों पैरों में गोलियां दाग दीं. खून से लथपथ अबरार वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया. पुलिस ने इस ‘पापी’ के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल किया गया अंगोछा भी बरामद कर लिया है. पूछताछ में उसने वासना के चलते इस घिनौने अपराध को कबूल कर लिया है.
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पॉक्सो एक्ट और सख्त कार्रवाई
फिलहाल घायल दरोगा गौरव कुमार और आरोपी अबरार दोनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) समेत कई गंभीर और गैर-जमानती धाराएं बढ़ा दी हैं. बदायूं पुलिस के इस ‘सुपर-एक्शन’ ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि यूपी में अपराधियों, खासकर मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों की सही जगह या तो जेल है, या सीधा अस्पताल.
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