पंकज चौधरी ने ‘विकसित भारत बजट 2026-27’ को विकसित भारत 2047 का रोडमैप बताया. इस बजट में युवा केंद्रित नीतियों, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा, कृषि और टेक्नोलॉजी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है. उत्तर प्रदेश को हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, जलमार्ग और शहर विकास परियोजनाओं के माध्यम से विशेष लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.चलिए जानते है पूरा मामला.
पंकज चौधरी ने भाजयुमो के ‘बजट पर संवाद कार्यक्रम’ में कहा कि देश की 65-68 प्रतिशत आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है. उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा रहे हैं.
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे बजट की जानकारी सरल भाषा में जनता तक पहुँचाएं. उन्होंने कहा, ‘जो वायु के वेग को बदल दे, उसे युवा कहते हैं. जब युवा सोच बदलती है तो समय भी बदल जाता है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट योजनाएं
वर्ष 2014-15 में बुनियादी ढांचे का बजट केवल 2 लाख करोड़ रुपए था, जिसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए किया गया. सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं, उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ देंगे.
पूर्व से पश्चिम तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार से माल ढुलाई में गति आएगी. अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे. टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन और पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस पहले बजट में रक्षा बजट 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपए किया गया है. इसमें 2.19 लाख करोड़ रुपए रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं. मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं के माध्यम से सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है.
बायोफार्मा शक्ति परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपए, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, 40,000 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग योजना, रेयर अर्थ मेटल प्रोसेसिंग केंद्र, तीन केमिकल पार्क और कंटेनर निर्माण के लिए 20,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
MSME, आयुर्वेद और शिक्षा
एमएसएमई क्षेत्र के 200 पुराने औद्योगिक समूहों का पुनरुद्धार और 10,000 करोड़ रुपए का SME ग्रोथ फंड रोजगार सृजन की दिशा में अहम कदम हैं. आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे. औद्योगिक नगरियों के समीप पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी. स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत वृद्धि की गई है और 15,000 स्कूलों तथा 500 कॉलेजों में कंटेंट लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है.
प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल, ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-मार्ट’ और जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य करने जैसे प्रावधान भी किए गए हैं.
कृषि और उत्तर प्रदेश बजट
कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. एआई आधारित भारत विस्तार योजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार का बजट 9.12 लाख करोड़ रुपए है, जो पिछले वर्ष से 12.9 प्रतिशत अधिक है. इस बजट में 20 प्रतिशत राशि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए और ग्रामीण विकास में 67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. वर्ष 2016-17 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13.3 लाख करोड़ रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपए हो गई है.
स्वयं का कर राजस्व 86 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 2.09 लाख करोड़ रुपए और निर्यात 46 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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