रिपोर्ट- सचिन
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक मामला सामने आया है. यहां नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह खुलासा तब हुआ जब बाजार में 500 रुपये के संदिग्ध नोट चलने की शिकायत मिली.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक सब्जी विक्रेता को 500 रुपये के नकली नोट थमा दिए थे. दुकानदार को जब नोटों पर शक हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा. इसके बाद नरौरा थाना पुलिस और स्वाट टीम ने मिलकर जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को दबोच लिया.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला नरौरा थाना क्षेत्र का है. दरअसल, इन जालसाजों ने बड़ी चालाकी से बाजार में नकली नोट खपाने की कोशिश की थी. इन्होंने एक सब्जी विक्रेता को निशाना बनाया और उसे 500 रुपये का जाली नोट दे दिया. दुकानदार को नोट की क्वालिटी पर शक हुआ, जिसके बाद बात पुलिस तक पहुंच गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरौरा थाना पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने हाथ मिलाया और एक जाल बिछाया. पुलिस ने सटीक मुखबिरी और तकनीकी इनपुट के आधार पर छापेमारी की, जिसमें तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया गया. इनके पास से पुलिस को जो कुछ मिला, उसे देखकर टीम भी हैरान रह गई.
तलाशी के दौरान पुलिस को 12 हजार रुपये के नकली नोट और करीब 14 हजार रुपये के अधछपे नोट बरामद हुए है. नोट छापने में इस्तेमाल किया जा रहा प्रिंटर, तीन मोबाइल फोन और एक बाइक भी जब्त की गई है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से छोटे लेन-देन वाले बाजारों को निशाना बना रहे थे, जहां नकली नोट आसानी से चल सकते हैं.
बुलंदशहर पुलिस ने भेजा जेल
बुलंदशहर के एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि ये गिरोह काफी समय से सक्रिय था. ये लोग कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में जाली नोट छापकर उन्हें भीड़भाड़ वाले बाजारों, छोटे दुकानदारों और सब्जी वालों के बीच खपाते थे ताकि किसी को शक न हो. ये लोग प्रिंटर के जरिए नोटों की छपाई करते थे और फिर उन्हें असली जैसा दिखाने के लिए कटिंग और फिनिशिंग देते थे.
फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन्होंने अब तक बाजार में कितने नकली नोट खपाए हैं और क्या इस गिरोह के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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