Bulandshahr Gangrape Case: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर 2016 में हुए गैंगरेप केस में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. पॉक्सो कोर्ट ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है. यह फैसला 9 साल, 4 महीने और 22 दिन बाद आया है. जज ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि इन राक्षसों को सभ्य समाज से दूर रखा जाए. वे जब तक जिंदा रहें, जेल में ही रहें.
1.81-1.81 लाख रुपये जुर्माना भी लगा
कोर्ट ने सभी पांच दोषियों पर 1.81 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इस रकम का आधा हिस्सा पीड़ित मां और बेटी को दिया जाएगा. दोषी जुबैर ने सजा सुनते ही चिल्लाकर कहा कि वह निर्दोष है. उसे झूठा फंसाया गया है. वह हाईकोर्ट में अपील करेगा.

जुबैर वही है जो दोषी ठहराए जाने के बाद मीडिया को देखकर मुस्कुराते हुए बोला था, ‘जियो राजा, मुझे फेमस कर दो.’
पीड़ित ने क्या कहा?
पीड़ित लड़की ने कहा कि 9 साल पहले की वह रात बहुत डरावनी थी. वह तब सिर्फ 14 साल की थी. उन राक्षसों के चेहरे आज भी याद हैं जो उनके साथ बुरा कर रहे थे. घटना अमानवीय और बर्बर थी.
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 2016 की है. नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा एक परिवार हाईवे पर रुका. बदमाशों ने उन्हें लूटने के लिए रोका. फिर मां और नाबालिग बेटी को खेत में ले जाकर गैंगरेप किया. बाकी परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की. यह जगह जिला मुख्यालय से 5 किमी और कोतवाली से 2 किमी दूर थी. लेकिन पुलिस को खबर नहीं लगी.
मामले में गवाही और आरोपी
केस में 9 साल में 25 गवाहों की बयानबाजी हुई. कुल 11 आरोपी थे. एक की मौत हो गई. दो एनकाउंटर में मारे गए. तीन को बरी कर दिया गया. बचाव पक्ष के वकील शिव चरण माहुर ने फैसले पर निराशा जताई. उन्होंने पहचान, डीएनए और एफआईआर पर सवाल उठाए. वे हाईकोर्ट जाएंगे.
सरकारी वकील ने क्या कहा?
सरकारी वकील वरुण कौशिक ने कहा कि कोर्ट ने सही फैसला दिया है. पांच दोषियों को उम्रकैद मिली है. जुर्माना भी लगाया गया है. आधी रकम पीड़ितों को मिलेगी.
यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संदेश देता है. समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. पुलिस और कोर्ट ने लंबे समय बाद न्याय दिया. लेकिन पीड़ित परिवार को अब राहत मिलेगी.
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