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राममंदिर चढ़ावे की चोरी: जांच के लिए CM योगी ने SIT बनाई, एक कर्मचारी के घर गोबर के ढेर में मिले 10 लाख रुपए

Ayodhya Donation Theft Probe: राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोप का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. इसकी जांच के लिए सीएम योगी ने आज SIT बनाई है. वहीं, एक कर्मचारी के घर गोबर के ढेर से 10 लाख बरामद हुए हैं, दो लोग हिरासत में लिए गए हैं.

AYODHYA Donation Theft PROBE

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Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी का मामला इंटरनेट पर सुर्खियों में है. इस पूरे मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी एक हाई लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है. यह कदम तब उठाया गया जब मंदिर के चढ़ावे से लगभग 7 करोड़ रुपए की चोरी का दावा किया गया. इस मामले ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया है.

सीएम योगी ने बनाई 3 सदस्यीय हाई लेवल SIT

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के कुछ ही घंटों के भीतर शासन ने तीन सीनियर अधिकारियों की SIT टीम बना दी है. इस जांच टीम में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS, 2004 बैच), लखनऊ रेंज के आईजी किरन शिवकुमार (IPS, 2008 बैच) और उत्तर प्रदेश फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के सीनियर अधिकारी नीलरतन कुमार (विशेष सचिव, वित्त, 1986 बैच) को शामिल किया गया है. यह टीम बहुत बारीकी से पूरे मामले की पड़ताल करेगी.

7 दिन में आएगी SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट

शासन की तरफ से इस SIT को सख्त निर्देश दिए गए हैं. टीम को अपनी शुरुआती यानी प्रारंभिक रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर सौंपनी होगी. वहीं, पूरे मामले की गहन जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों में देनी होगी. यह समिति न केवल इस चोरी के दावे की सच्चाई का पता लगाएगी, बल्कि भविष्य में मंदिर के चढ़ावे और अकाउंट्स में ऐसी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए पुख्ता सुझाव और गाइडलाइंस भी तैयार करेगी.

कर्मचारी के घर गोबर के ढेर में मिले 10 लाख रुपए

इस पूरे मामले में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मंदिर के एक कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27 वर्ष) के घर से पुलिस ने 10 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं. आरोपी ने इन पैसों को पुलिस से छिपाने के लिए अपने घर के पास गोबर के ढेर में दबाकर रखा था. इसके अलावा कुछ रकम घर के भीतर बक्से में भी छिपाकर रखी गई थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, लवकुश मंदिर के भीतर चढ़ावे की रकम को गिनने के काम में तैनात था. फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह बरामद पैसा मंदिर के चढ़ावे का ही है या कहीं और का.

साला और जीजा दोनों पुलिस की हिरासत में

सूत्रों के मुताबिक, लवकुश मिश्रा को यह नौकरी उसके ससुर की सिफारिश पर मिली थी. लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा (20 वर्ष) भी पहले से ही राम मंदिर में नौकरी कर रहा था. पुलिस ने संदेह के आधार पर लवकुश और उसके साले अनुकल्प दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. अनुकल्प का परिवार अयोध्या के कौशलपुरी इलाके में रहता है. उनके पास पैतृक जमीन के अलावा एक फार्म हाउस भी है. पुलिस अब उनके बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है.

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CBI जांच के लिए लगाई गई हाईकोर्ट में याचिका

राम मंदिर जैसे संवेदनशील स्थान से जुड़ा मामला होने के कारण यह विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में स्थानीय वकील मोहित अशोक द्वारा एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है. इस याचिका में मांग की गई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच CBI को सौंपी जाए. साथ ही, राम मंदिर के चढ़ावे का पूरा ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की भी गुहार लगाई गई है. इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है.

भारत एक्सप्रेस



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