उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में आम लोगों की फरियाद सुनी. प्रदेशभर से आए 50 से अधिक लोगों से सीएम ने न केवल संवाद किया, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान कराने के लिए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए.
सीएम योगी ने फरियादियों की सुनीं समस्याएं
मुख्यमंत्री हर फरियादी के पास खुद पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र अपने हाथों से लिया. उन्होंने आश्वस्त किया कि निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा. जनता की समस्याओं का निस्तारण करना और खुशहाल उत्तर प्रदेश बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
जनता दर्शन के दौरान कानपुर की मासूम मायरा अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री योगी से मिलने पहुंची. मां ने बच्ची के स्कूल में प्रवेश की फरियाद रखी. जनता दर्शन में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है. जिसका उन्होंने उत्तर दिया. इसके बाद मायरा से मुखातिब मुख्यमंत्री ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी, अभी तक तो स्कूल गई नहीं है, क्या बनोगी? मायरा ने तपाक से जवाब दिया, ‘डॉक्टर.’ उन्होंने अधिकारियों को बच्ची के एडमिशन का निर्देश दिया.
एडमिशन का दिया आश्वासन
मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात सुनी और एडमिशन का आश्वासन भी दिया.
यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली. इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से ‘जनता दर्शन’ में मुलाकात की और एडमिशन की गुहार लगाई. बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया.
यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी.
-भारत एक्सप्रेस
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