Dr Rajeshwar Singh On Mallikarjun Kharge: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए पहचाने जाने वाले सरोजनीनगर (लखनऊ) से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के “ज़हरीला सांप” वाले बयान पर तीखा हमला बोला है. डॉ. सिंह ने इस टिप्पणी को केवल शब्दों की चूक नहीं, बल्कि कांग्रेस की तुष्टिकरण और विभाजनकारी राजनीति का प्रतिबिंब करार दिया है.
तुष्टिकरण से उपजी है विषाक्त भाषा- डॉ. राजेश्वर सिंह
डॉ. राजेश्वर सिंह ने खड़गे के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब किसी दल की राजनीति का आधार ही वोट बैंक और तुष्टिकरण हो, तो उसकी भाषा का विषाक्त होना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दशकों से न्याय और समानता की बलि देकर केवल सत्ता के समीकरण साधने में जुटी है.
कांग्रेस के इतिहास पर उठाए सवाल
विधायक डॉ. सिंह ने कांग्रेस के पुराने फैसलों को गिनाते हुए पार्टी की घेराबंदी की. उन्होंने कई मामलों को जिक्र किया जिसपर आज भी कांग्रेस सवालों के घेरे में रहती है.
- शाह बानो प्रकरण (1986): उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को पलटकर एक बेबस मुस्लिम महिला के अधिकारों के साथ समझौता किया
- वक्फ अधिनियम 1995: डॉ. सिंह के अनुसार, इस कानून ने भूमि प्रबंधन को लेकर गंभीर विसंगतियां पैदा कीं
- साम्प्रदायिक हिंसा विधेयक 2011: उन्होंने इस प्रस्तावित बिल को कानून को साम्प्रदायिक आधार पर झुकाने वाला एक खतरनाक प्रयास बताया
UCC और सेक्युलरिज्म पर प्रहार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सेक्युलरिज्म चयनात्मक है, जिसने समाज को जोड़ने के बजाय हमेशा विभाजित करने का काम किया है.
विकसित भारत बनाम पुरानी सोच
डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि आज का भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास, कानून के समक्ष समानता और राष्ट्रहित की दिशा में लंबी छलांग लगा चुका है. उनके अनुसार, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं कांग्रेस अब भी पुरानी और जकड़ी हुई सोच में फंसी हुई है.
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