राजनीति की भागदौड़ और जनसेवा की व्यस्तताओं के बीच अध्यात्म की शांति कितनी जरूरी है, इसकी एक खूबसूरत झलक मथुरा में देखने को मिली. सरोजनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने हाल ही में कान्हा की नगरी मथुरा पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए. इस आध्यात्मिक यात्रा में उनके साथ उनके बड़े भाई श्री रामेश्वर सिंह भी मौजूद रहे. मंदिर के दिव्य वातावरण में दोनों भाइयों ने भक्ति भाव के साथ मत्था टेका और बिहारी जी की चौखट पर अपनी श्रद्धा अर्पित की.
भक्ति और सेवा का अटूट संगम
दर्शन के बाद डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि बांके बिहारी के चरणों में बैठकर जो शांति मिलती है, उसे शब्दों में बयान करना नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि यह दर्शन महज एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन को नई ऊर्जा और सही दिशा देने वाला अनुभव है.
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विधायक ने मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए अपने सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को अपना ‘परिवार’ बताते हुए उनके लिए मंगल कामना की. उन्होंने बिहारी जी से प्रार्थना की कि उनका पूरा सरोजनी नगर परिवार और प्रदेशवासी हमेशा सुखी, समृद्ध और स्वस्थ रहें. उनके चेहरे पर दिखने वाली भक्ति और संतोष यह बता रही थी कि राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उनके दिल में सेवा और श्रद्धा का स्थान सबसे ऊपर है.
जीवन में अध्यात्म और विनम्रता की अहमियत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी इस यात्रा की यादें साझा करते हुए डॉ. सिंह ने भक्ति और सेवा के गहरे अर्थों पर प्रकाश डाला. उन्होंने लिखा कि जीवन में जब हम भक्ति और सेवा को अपना आधार बनाते हैं, तभी हम सही और नेक रास्ते पर चल पाते हैं. उन्होंने अपने अनुयायियों और समर्थकों से भी अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में थोड़ा समय अध्यात्म के लिए जरूर निकालें.
डॉ. सिंह का मानना है कि बिहारी जी की कृपा ही हमें विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहना सिखाती है और हमारे मन में विनम्रता और निस्वार्थ सेवा की भावना पैदा करती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विनम्रता वह गुण है जो एक इंसान को समाज से गहराई से जोड़ता है.
राधे-कृष्ण के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश
यात्रा के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने न केवल आशीर्वाद मांगा, बल्कि भगवान श्री राधे-कृष्ण के महान उपदेशों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब हर तरफ आपाधापी है, तब भगवान कृष्ण के बताए सिद्धांत ही हमारे विचारों और कर्मों को शुद्ध कर सकते हैं. उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे अपनी सोच, अपने काम और अपने रिश्तों में प्रेम और ईमानदारी लाएं.
डॉ. सिंह ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि अध्यात्म से जुड़ने पर मन को जो शांति और साहस मिलता है, वही हमें जीवन में बड़े उद्देश्य हासिल करने की शक्ति देता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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