इनपुट: आदित्य द्विवेदी, भारत एक्सप्रेस
Ghaziabad Fake Embassy: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गाजियाबाद के कवि नगर इलाके में आज एक बड़ी कार्रवाई की. STF ने एक आलीशान किराए के बंगले में फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया, और उसके मास्टरमाइंड हर्षवर्धन जैन (Harshvardhan Jain) को गिरफ्तार किया. 47 वर्षीय हर्षवर्धन खुद को वेस्ट आर्कटिका, सेबोर्गा, पॉल्विया और लोडोनिया जैसे स्वघोषित माइक्रोनेशनों का राजदूत बताता था, जो असल में दुनिया के किसी भी देश द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं.
छापेमारी के दौरान UP STF ने हर्षवर्धन के ठिकानों से 44.7 लाख रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, 34 देशों की नकली मुहरें, दो फर्जी पैन कार्ड और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट्स बरामद कीं.
लक्जरी कारें और मॉर्फ्ड तस्वीरों का खेल
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि Harshvardhan Jain ने अपनी छवि को चमकाने के लिए न केवल डिप्लोमैटिक नंबर प्लेटों वाली ऑडी और मर्सिडीज जैसी लक्जरी कारों का इस्तेमाल किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ मॉर्फ्ड तस्वीरें भी बनाईं. इन तस्वीरों का उपयोग वह प्रभावशाली लोगों और व्यवसायियों को लुभाने के लिए करता था. उसने गाजियाबाद के KB-35, कवि नगर में किराए के मकान को वेस्ट आर्कटिका का “कॉन्सुलेट-जनरल” बनाया था, जहां भारत और वेस्ट आर्कटिका के झंडे लगाए गए थे.

हर्षवर्धन की ठगी और हवाला का जाल
Harshvardhan Jain ने विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने का काम शुरू किया. उसने लंदन, दुबई और अफ्रीकी देशों में कई फर्जी कंपनियां बनाईं, जिनके जरिए वह दलाली और हवाला रैकेट चलाता था. 2000 में वह चर्चित तांत्रिक चंद्रास्वामी के संपर्क में आया, जिनके माध्यम से उसकी मुलाकात सऊदी के हथियार डीलर अदनान खशोगी और लंदन के एहसान अली सैयद से हुई. इनके साथ मिलकर उसने कई फर्जी कंपनियां बनाईं और ठगी का जाल बिछाया.
पहले भी कानून के शिकंजे में आया था
यह Harshvardhan Jain का कानून के साथ पहला सामना नहीं है. 2011 में गाजियाबाद पुलिस ने उसके पास से अवैध सैटेलाइट फोन बरामद किया था, जिसके लिए कवि नगर थाने में टेलीग्राफ एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. हर्षवर्धन ने 2012 में सेबोर्गा माइक्रोनेशन का सलाहकार और 2016 में वेस्ट आर्कटिका का अवैतनिक राजदूत बनने का दावा किया था. इन फर्जी पदों का उपयोग उसने धोखाधड़ी और हवाला कारोबार के लिए किया.

शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर नजर
Harshvardhan Jain ने गाजियाबाद से बीबीए और लंदन के कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंस से एमबीए की डिग्री हासिल की थी. उसके पिता जेडी जैन एक प्रतिष्ठित उद्योगपति थे, जिनके पास राजस्थान में मार्बल माइंस थीं. हर्षवर्धन ने अपने परिवार की प्रतिष्ठा और संपर्कों का उपयोग अपनी फर्जी छवि को मजबूत करने में किया.
कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है पुलिस
Uttar Pradesh STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि Harshvardhan Jain का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था. उसकी गतिविधियों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. कवि नगर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और हवाला रैकेट से संबंधित एक नया मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि Harsh Vardhan Jain के नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.
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