UP News: हापुड़ शहर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर मनीष चौहान इन दिनों अपनी बदजुबानी और दबंगई के कारण चर्चा में हैं. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में फरियादियों के साथ उनका व्यवहार बेहद अपमानजनक दिख रहा है. इसी वजह से कुछ पीड़ितों ने मेरठ के डीआईजी (DIG) से न्याय की गुहार लगाई है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके.
पुराने मामलों के वीडियो
पहला वीडियो उस समय का है जब मनीष चौहान पिलखवा कोतवाली के प्रभारी थे. एक महिला हत्या मामले में फरियादी मदद मांगने पहुंचे तो उन्होंने सरेआम उन्हें अपमानित कर थाने से भगा दिया. दूसरा वीडियो हापुड़ शहर कोतवाली का है, जहां बिजली की समस्या से परेशान लोग शिकायत करने पहुंचे थे. वहां भी इंस्पेक्टर ने फरियादियों को मुकदमे की धमकी देकर डरा दिया.
संपत्ति विवाद में दबंगई
तीसरा वीडियो दो भाइयों के बीच संपत्ति विवाद का है. कोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद पुलिस टीम कारोबारी को जबरन थाने ले गई. उसकी छोटी बच्ची ने रोकने की कोशिश की, लेकिन दरोगा ने कारोबारी को बदमाश की तरह कॉलर पकड़कर थाने पहुंचा दिया. वहां घंटों तक दबाव बनाया गया कि वह दस्तावेजों पर साइन करे, हालांकि कारोबारी ने कोई हस्ताक्षर नहीं किया.
पहले भी हुई कार्रवाई
कुछ दिन पहले ही हापुड़ शहर कोतवाल विनोद पांडे को अवैध हिरासत और वसूली के आरोपों में लाइन हाजिर किया गया था. इसके बावजूद इंस्पेक्टर मनीष चौहान लगातार पब्लिक पर रौब झाड़ते नजर आ रहे हैं.
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अफसरों तक पहुंची शिकायतें
मनीष चौहान की शिकायतें सीओ से लेकर डीआईजी तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उनकी बदजुबानी और दबंगई से यूपी पुलिस और योगी सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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