हापुड़ में मंगलवार (12 मई, 2026) को उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता के घर पर बुलडोजर चलवा दिया. यह कार्रवाई सपा के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के दो मंजिला मकान पर की गई, जिसे प्रशासन ने अवैध कब्जे की श्रेणी में बताते हुए ध्वस्त कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से हाल ही में गांव के करीब 68 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे. इन सभी पर आरोप था कि उन्होंने तालाब की जमीन पर अवैध तरीके से मकान और अन्य निर्माण कर लिए हैं. नोटिस में साफ कहा गया था कि लोग खुद ही अपना निर्माण हटा लें, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब किसी ने कार्रवाई नहीं की, तो प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर चलवा दिया.
अय्यूब सिद्दीकी का मकान भी इसी कार्रवाई की जद में आ गया और देखते ही देखते दो मंजिला ढांचा मलबे में बदल गया.
कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
जैसे ही इस कार्रवाई की खबर फैली, बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और विरोध शुरू हो गया. कई कार्यकर्ता बुलडोजर के सामने ही खड़े हो गए, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए.
स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. दोनों तरफ से बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
इलाका छावनी में हुआ तब्दील
तनाव इतना बढ़ गया कि पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल दिया गया. भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा ताकि हालात काबू में रखे जा सकें. इस दौरान अफरा-तफरी के माहौल में मौजूद एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है. उनका साफ कहना है कि सरकारी तालाब या सार्वजनिक जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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