UP News: मंगलवार देर रात अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में इलाज में देरी को लेकर माहौल बिगड़ गया. एक तीमारदार ने महिला डॉक्टर पर हमला कर दिया जिससे डॉक्टर का होंठ फट गया. इसके बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी का गेट बंद कर सेवाएं रोक दीं. मरीज और उनके परिजन मायूस होकर लौटने लगे.
तीमारदारों का आरोप
तीमारदार अब्दुल्ला ने दावा किया कि करीब 10-15 डॉक्टरों ने चार तीमारदारों को बुरी तरह पीटा. इसमें एक का सिर फट गया. हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची. घायल तीमारदार को सिविल लाइंस थाने ले जाया गया और मेडिकल जांच कराई जा रही है.
तत्काल प्रभाव से डॉक्टर निलंबित
वहीं 3 जूनियर डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पीड़ित तीमारदार की तहरीर पर आरोपी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. आरोपी तीनों डॉक्टरों के AMU और JNMC परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.
मरीजों की परेशानी
हड़ताल के चलते इमरजेंसी में आए मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग अपने बीमार परिजनों को लेकर अस्पताल परिसर में भटकते रहे. डॉक्टरों से गुहार लगाने के बावजूद किसी ने मरीजों को नहीं देखा.
मरीज की हालत बिगड़ी
बुलंदशहर के अकबर को सांस लेने में तकलीफ थी. उनके भाई अफजल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से भर्ती की अपील की लेकिन उन्हें बताया गया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं और इलाज संभव नहीं है. यह सुनकर परिजन हताश हो गए और मरीज की हालत को लेकर चिंतित दिखे.
मरीज को भी नहीं मिला इलाज
अतरौली के रमेश अपने रिश्तेदार पंकज को पेट दर्द की शिकायत पर इमरजेंसी लाए. उन्होंने डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. सुरक्षा कर्मियों ने साफ कहा कि हड़ताल के कारण इलाज नहीं हो पाएगा और मरीज को कहीं और ले जाएं.
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सिस्टम पर सवाल
डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा. इससे तीमारदारों में नाराजगी बढ़ गई. लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों को इस तरह लौटाना अमानवीय है और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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