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‘मुझे बच्चों से कोई ममता नहीं…’, इंस्टाग्राम वाली प्रेमिका के लिए कानपुर की महिला ने छोड़ा परिवार

कानपुर के महाराजपुर में तीन बच्चों की मां इंस्टाग्राम पर हुई सहेली से प्यार के चलते पति और परिवार को छोड़कर दिल्ली चली गई. पुलिस की बरामदगी के बाद महिला ने बच्चों से कोई लगाव न होने की बात कहते हुए सहेली के साथ रहने का फैसला चुना.

Kanpur Woman Leaves Husband and Kids for Instagram Female Friend

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Kanpur Same Sex Relationship: कानपुर के महाराजपुर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तीन बच्चों की मां इंस्टाग्राम पर हुई एक सहेली के प्यार में इस कदर गिरफ्तार हुई कि वह अपने पति, परिवार और मासूम बच्चों को छोड़कर दिल्ली चली गई. पुलिस ने जब महिला को बरामद कर परिजनों के सामने खड़ा किया, तो उसने रोते बिलखते बच्चों को अपनाने से साफ इनकार कर दिया. महिला ने दो टूक कह दिया कि उसे बच्चों से कोई लगाव नहीं है और वह अपनी सहेली के साथ ही जिएगी.

सोशल मीडिया पर शुरू हुई लव स्टोरी

मामला महाराजपुर थाने के एक नामी परिवार से जुड़ा है. महिला की करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करने वाली 25 साल की एक युवती से दोस्ती हुई थी. धीरे-धीरे यह दोस्ती समलैंगिक प्रेम में बदल गई. महिला अपना ज्यादातर वक्त सहेली से बातचीत में बिताने लगी. बीते 6 सितंबर को वह चुपचाप अपने तीन बच्चों और पति को छोड़कर दिल्ली अपनी सहेली के पास पहुंच गई.

पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ढूंढा

पत्नी के अचानक लापता होने पर परेशान पति ने महाराजपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जब मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो दिल्ली की लोकेशन ट्रेस हुई. पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और महिला व उसकी सहेली को बरामद कर कानपुर ले आई. थाने में एसीपी आशुतोष सिंह ने जब पूछताछ की, तो महिला ने साफ कह दिया कि वह बालिग है और सहेली के साथ ही रहना चाहती है.

बच्चों के आंसुओं का भी नहीं हुआ असर

थाने में पति, माता-पिता और बच्चे महिला को मनाने पहुंचे. रोते-बिलखते बच्चों ने मां से घर चलने की गुहार लगाई, लेकिन महिला का दिल नहीं पसीजा. बालिगों को अपनी मर्जी से जीने के संवैधानिक अधिकार का हवाला देते हुए पुलिस ने अंततः महिला को उसकी सहेली के साथ जाने दिया.

हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि महिला भले ही अपनी मर्जी से रहे, लेकिन ‘हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट’ की धारा 20 के तहत बच्चों की परवरिश और खर्चे की जिम्मेदारी से वह भाग नहीं सकती. अगर बच्चे कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं, तो मां को भरण-पोषण देना ही होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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