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Lucknow के Amity University में ‘थप्पड़ कांड’; लड़की ने छात्र को कार में पीटा, 90 सेकंड में जड़े 26 थप्पड़

शिखर कुछ दिनों बाद कॉलेज लौटे थे. हैनीमैन चौराहे से उनका दोस्त सौम्य सिंह यादव उन्हें कार से एमिटी यूनिवर्सिटी ले गया. पार्किंग में पहले से मौजूद जान्हवी मिश्रा, आयुष यादव, मिलन बनर्जी, विवेक सिंह और आर्यमन शुक्ला अचानक उनके पास आए और जबरन कार में बैठ गए.

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Amity Student Assault: लखनऊ में Amity University कैंपस में BA-LLB द्वितीय वर्ष के छात्र शिखर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. यह घटना 26 अगस्त की है, लेकिन अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. छात्र के पिता मुकेश केसरवानी की तहरीर पर चिनहट थाने में पांच छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है.

कार में जबरन बैठाकर की गई पिटाई

जानकारी के अनुसार, शिखर कुछ दिनों बाद कॉलेज लौटे थे. हैनीमैन चौराहे से उनका दोस्त सौम्य सिंह यादव उन्हें कार से एमिटी यूनिवर्सिटी ले गया. पार्किंग में पहले से मौजूद जान्हवी मिश्रा, आयुष यादव, मिलन बनर्जी, विवेक सिंह और आर्यमन शुक्ला अचानक उनके पास आए और जबरन कार में बैठ गए. इसके बाद सभी ने शिखर से गाली-गलौज करना शुरू कर दिया.

थप्पड़ों की मार और वीडियो वायरल

विरोध करने पर जान्हवी मिश्रा और आयुष यादव ने शिखर को लगभग 26 थप्पड़ मारे. इस दौरान आरोपियों ने पिटाई का वीडियो भी बनाया और उसे कैंपस में वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया.
एफआईआर में आरोप है कि आरोपियों ने शिखर का मोबाइल छीना, उसमें से कुछ चैट डिलीट कर दी और बाद में मोबाइल और सिम कार्ड तोड़ दिया. घटना के बाद शिखर मानसिक रूप से अवसाद में चले गए.

परिवार ने दर्ज कराई शिकायत

शिखर के पिता मुकेश केसरवानी ने चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जान्हवी मिश्रा, आयुष यादव, मिलन बनर्जी, आर्यमन शुक्ला और विवेक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. एसीपी स्तर से मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है.

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पीड़ित युवक का बयान

मीडिया से बातचीत में शिखर ने बताया कि 11 जून को उनके घुटने और लिगामेंट का ऑपरेशन हुआ था. इसके चलते वह लगभग दो महीने यूनिवर्सिटी नहीं जा पाए. 8 अगस्त से फिर कॉलेज जाना शुरू किया. घटना के दिन वह एक दोस्त के साथ कैंपस में थे, तभी कुछ बैचमेट्स उनके पास आ गए और अचानक पिटाई शुरू कर दी.

शिखर ने आगे कहा, “मैं समझ पाता उससे पहले ही ताबड़तोड़ तमाचे मारे गए. गालियां भी दी गईं. उन्होंने मेरा फोन और सिम भी तोड़ दिया. मैं पूरी तरह बेबस हो गया.”
यह मामला विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा और अंदरूनी हिंसा पर गंभीर सवाल उठाता है. पुलिस जांच कर रही है कि घटना के पीछे क्या कारण था और आरोपी कब तक गिरफ्तार होंगे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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