Lucknow viral video
Lucknow viral video: लखनऊ के रहीमाबाद से सामने आया एक वीडियो इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति अर्थी पर रखे मृत पिता के अंगूठे का निशान सादे कागज पर लेता नजर आ रहा है. मामला सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है.
घटना खड़ौहा गांव की बताई जा रही है. यहां 75 वर्षीय छत्रपाल की 9 जुलाई को मौत हो गई थी. परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था. इसी दौरान मृतक के इकलौते बेटे महेंद्र पर आरोप लगा कि उसने पिता के अंगूठे का निशान एक सादे कागज पर लगवाया. मौके पर मौजूद किसी ग्रामीण ने इसका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
बहन ने भाई पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक की बेटी सुमन का कहना है कि उनके भाई महेंद्र और उसकी पत्नी लक्ष्मी ने करीब दो साल पहले माता-पिता को घर से निकाल दिया था. इसके बाद बुजुर्ग दंपती कभी रिश्तेदारों तो कभी बेटियों के घर रहकर अपना जीवन गुजार रहे थे.
लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि बेटे ने पिता के अंतिम संस्कार से पहले उनके शव के अंगूठे का निशान सादे कागजों पर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।#Lucknow #UttarPradesh #PropertyDispute #Viral #UPNews pic.twitter.com/1xBZduR2fv
— Ankit Tiwari (@ankituplive) August 14, 2026
सुमन के मुताबिक, पिता के पास करीब साढ़े छह बीघा जमीन थी. उन्होंने तीनों बेटियों के नाम एक-एक बीघा जमीन कर दी थी. बेटी का दावा है कि बेटे और बहू के व्यवहार से परेशान होकर छत्रपाल ने समाचार पत्र में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर दोनों को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा भी की थी. सुमन ने बताया कि 7 जुलाई को पिता की तबीयत बिगड़ी थी. इसी दौरान महेंद्र लखनऊ आया और विवाद के बाद उन्हें अपने साथ ले गया. दो दिन बाद उनकी मौत हो गई.
संपत्ति को लेकर उठे सवाल
अंतिम संस्कार के दौरान अंगूठे का निशान लिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद संपत्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. परिवार का आरोप है कि पिता की मौत के बाद भी उनकी संपत्ति से जुड़े कागजात तैयार करने की कोशिश की जा सकती थी. हालांकि, अंगूठे का निशान किस उद्देश्य से लिया गया और उसका आगे कोई इस्तेमाल हुआ या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
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वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितकांत के अनुसार, किसी मृत व्यक्ति के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार करना गंभीर कानूनी विवाद पैदा कर सकता है. फर्जी वसीयत, दानपत्र या जमीन-बैंक से जुड़े दस्तावेजों में इसके दुरुपयोग की आशंका हो सकती है. हालांकि, इस मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी. ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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