उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में ICICI बैंक की असिस्टेंट मैनेजर दिव्या मिश्रा हत्याकांड में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. इस वारदात के चश्मदीदों ने पुलिस और मीडिया के सामने जो आंखों देखी कहानी बयां की है, उससे साफ है कि आरोपी मानस बाजपेयी (दिव्या का पति) पूरी तैयारी और खूनी इरादे के साथ आया था.
बैंक के बाहर बुलाया
घटना गोमतीनगर के विवेकखंड स्थित बैंक शाखा के बाहर की है. चश्मदीदों के मुताबिक, दिव्या अपने सहकर्मियों के साथ एक क्लाइंट से मिलकर बैंक लौटी ही थीं. तभी बिना नंबर प्लेट वाले एक ऑटो से उनका पति मानस बाजपेयी वहां पहुंचा.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मानस के दोनों हाथों में पिस्टल थी. उसने पहले दिव्या को बाहर बुलाया, उनसे कुछ देर बात की और अचानक बेहद करीब से गोली मार दी.
सहकर्मियों पर तानी पिस्टल
गोली चलने की अचानक आवाज सुनकर जब बैंक के सहकर्मी और आसपास के लोग मदद के लिए बाहर दौड़े, तो आरोपी मानस ने खौफ पैदा करने के लिए उन पर भी पिस्टल तान दी. जान बचाने के लिए कर्मचारी वापस बैंक के अंदर भाग गए.
इसके बाद आरोपी उसी बिना नंबर वाले ऑटो में बैठकर मौके से आसानी से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल दिव्या को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
खुद की भी खत्म की जिंदगी
दिव्या की हत्या करने के बाद आरोपी मानस बाजपेयी हुसड़िया चौराहा स्थित अपने घर पहुंचा. वहां उसने अपनी 28 वर्षीय बहन तूलिका उर्फ सीबा की भी गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.
डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस
एडीसीपी ईस्ट अमोल मुरकुट और डीसीपी ईस्ट दीक्षा शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है. पुलिस को मानस के मोबाइल से एक व्हाट्सऐप स्टेटस का भी पता चला है, जिसमें उसने इस पूरे घटनाक्रम और अपने विचारों का जिक्र किया था. पुलिस अब इस डिजिटल साक्ष्य को कब्जे में लेकर मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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