लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने QCFI VLCCQC 2025 में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए पांच स्वर्ण पुरस्कार अपने नाम किए हैं. सभी प्रस्तुत केस स्टडीज में शानदार प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला, जो हवाई अड्डे की टिकाऊ व्यवस्थाओं, नवाचारी समाधानों और उच्च स्तरीय यात्री अनुभव पर ध्यान केंद्रित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
पुरस्कार विजेता परियोजनाएं
हवाई अड्डे की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्टता दिखाई:
पूर्वानुमानित और निवारक रखरखाव (E&M टीम): इस परियोजना ने हवाई अड्डे की इन्फ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों के सुचारू संचालन के लिए प्रभावी रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे डाऊनटाइम और ऑपरेशन में बाधाओं को कम किया जा सका.
डिजिटलीकरण और व्यवसाय पर प्रभाव (IT टीम): आईटी टीम ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इसके व्यावसायिक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए नवाचारी समाधान पेश किए.
डिजिटल ट्विन (डिजाइन टीम): डिजाइन टीम ने हवाई अड्डे का डिजिटल ट्विन तैयार किया, जिससे वास्तविक समय में निगरानी और बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिली.
सुरक्षा और संरक्षा प्रथाओं में सुधार (ISMC सुरक्षा टीम): सुरक्षा टीम ने हवाई अड्डे में सुरक्षा प्रोटोकॉल को उन्नत बनाने और यात्रियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर काम किया.
टीम का उत्साह वर्धन
चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर ने सभी टीमों की मेहनत, नवाचार और सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार न केवल हवाई अड्डे की कार्यक्षमता को मजबूत करते हैं बल्कि इसे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करते हैं.
सतत विकास और यात्री अनुभव पर जोर
इन पुरस्कारों से यह स्पष्ट होता है कि लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सतत और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं के साथ यात्रियों के लिए उत्कृष्ट अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है.
QCFI VLCCQC 2025 में पांच स्वर्ण पुरस्कार जीतकर लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अपनी रणनीतिक योजना, तकनीकी नवाचार और उच्च स्तर की कार्यक्षमता के क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत करता है. यह सफलता हवाई अड्डे के भविष्य के लिए प्रेरणा और नए मानक स्थापित करती है.
-भारत एक्सप्रेस
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