UP News: मथुरा जिले में शनिवार को हालात अचानक बिगड़ गए जब गौसेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत की खबर फैली. देखते ही देखते हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया. गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर का जन्म फिरोजाबाद जिले के एक गांव में हुआ था. बचपन में ही माता-पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने घर छोड़कर साधु जीवन अपना लिया. 1992 के राम मंदिर आंदोलन में भी वे सक्रिय रहे. बाद में मथुरा के आजनौख गांव में बस गए और गौसेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया. हाथ में फरसा लेकर रात-भर गौ-तस्करों से भिड़ने की वजह से लोग उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहने लगे.
गौसेवा में समर्पित जीवन
बाबा ने आजनौख में एक बड़ी गौशाला बनाई और करीब 200 युवाओं की टीम तैयार की, जिसे ‘गौ-रक्षक फौज’ कहा जाता था. वे अक्सर रात में मोटरसाइकिल पर निकलकर गौ-तस्करों का पीछा करते और गायों को बचाते. कई बार उन पर हमले भी हुए, लेकिन उन्होंने कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया.
हादसे की रात
शनिवार को कोसीकलां इलाके में बाबा अपनी टीम के साथ निकले थे. उन्हें गौ-तस्करी की सूचना मिली थी और वे संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे. इसी दौरान उनकी बाइक को एक ट्रक ने टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि बाबा और ट्रक ड्राइवर दोनों की मौके पर मौत हो गई.
मौत की खबर और उपद्रव
जैसे ही बाबा की मौत की खबर फैली, समर्थकों और हिंदू संगठनों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया. हजारों लोग सड़क पर उतर आए. वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस ने हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया.
प्रशासन का बयान
मथुरा पुलिस ने स्पष्ट किया कि बाबा की मौत गौ-तस्करों से भिड़ने के दौरान नहीं हुई, बल्कि घने कोहरे की वजह से सड़क दुर्घटना में हुई. पुलिस ने बताया कि बाबा ने एक कंटेनर को रोका था, जिसमें सिर्फ किराने का सामान मिला. उसी समय पीछे से आ रहे ट्रक ने कम विजिबिलिटी के कारण बाइक को टक्कर मार दी.
समर्थकों का आरोप
हालांकि बाबा के साथ मौजूद हरिओम ने दावा किया कि यह एक साजिश थी और ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी. समर्थक इस घटना को हत्या मान रहे हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं.
सरकार और संतों की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया और दोषियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए. पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है और बाकी की तलाश जारी है. वहीं, कई संतों और धार्मिक नेताओं ने बाबा की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की.
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आगे की स्थिति
फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. मथुरा के डीएम चंद्र प्रकाश ने बाबा के आश्रम पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी गौशाला की जिम्मेदारी अब सरकार उठाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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