Fake police inspector
मेरठ के इंचौली इलाके में एक जालसाज युवक युवती को प्रेम जाल में फसाने के लिए यूपी पुलिस का फर्जी दरोगा बन गया. आज दरोगा की वर्दी पहनकर मुजफ्फरनगर निवासी शुभम अपनी महिला मित्र के घर पहुंच गया जब शुभम से युवती के परिजनों ने बातचीत करनी शुरू की तो उसका भेद खुल गया. तभी परिजनों ने इंचौली थाना पुलिस को फर्जी दरोगा शुभम के बारे में जानकारी दी. जिसके बाद पुलिस शुभम को हिरासत में लेकर थाने ले आई.
अब पुलिस ने फर्जी दरोगा शुभम राणा के खिलाफ धोखाधड़ी की FIR दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है. हिरासत में लेते ही शुभम ने पुलिस को बताया कि उसने एक दर्जी से पुलिस की वर्दी सिलवाई थी और ग्रेटर नोएडा के थाना दादरी क्षेत्र में भी वर्दी पहनकर लोगों से अवैध वसूली करता था.
मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र में एक परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर एक व्यक्ति सब-इंस्पेक्टर बनकर आया है. परिजनों ने उसकी पहचान पूछी तो युवक अपने आप को पुलिस अधिकारी बताने लगा. परिवार ने उसे पकड़कर थाने पहुंचा दिया. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी शुभम राणा असल में मुजफ्फरनगर का रहने वाला सामान्य युवक है.
पिछले छह महीने से चल रहा था छलावा
मेरठ के एसएसपी विपिन ताड़ा ने बताया कि शुभम राणा पिछले छह महीने से पुलिस की वर्दी पहनकर महिला से मिलने आता था. शुभम ने खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर प्रेमिका के परिवार को भी बरगलाया. साथ ही, वह दादरी क्षेत्र में पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से अवैध वसूली भी करता था. शुभम राणा पहले वन विभाग में अस्थाई ड्राइवर के पद पर कार्यरत था. इसके बाद उसने एक दर्जी से पुलिस की वर्दी सिलवाई और इसे पहनकर फर्जी पुलिस अधिकारी बन गया. उसके इस छलावे से कई लोग प्रभावित हुए और वह अपनी नौकरी के दुरुपयोग से गैरकानूनी काम करता रहा.
फर्जी दरोगा शुभम राणा के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं शुभम का कोई और साथी तो इस अवैध गतिविधि में शामिल नहीं है. पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने को दें ताकि इस तरह की धोखाधड़ी और अवैध कामों को रोका जा सके.
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भारत एक्सप्रेस
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