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दिवाली के दिन घर में जल रहे दीये से आग लगने के कारण कानपुर के व्यापारी, पत्नी और नौकरानी की मौत

उत्तर प्रदेश में कानपुर शहर के पांडु नगर इलाके में रहने वाले संजय श्याम दासानी अंबाजी फूड्स नामक बिस्कुट कंपनी के मालिक थे और अन्य व्यवसाय से भी जुड़े हुए थे.

(फाइल फोटो: IANS)

दिवाली (Diwali) के अगले दिन शुक्रवार (1 नवंबर) तड़के उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) शहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई. शहर के एक प्रमुख व्यवसायी (Businessman), उनकी पत्नी और उनकी नौकरानी की घर में कथित तौर पर दम घुटने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह घटना दीये से लगी आग के कारण हुई.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दंपति ने अपने बेडरूम के दरवाजे पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगाया था, लेकिन आग लगने के कारण वे घबराहट में सही अनलॉकिंग कोड दर्ज नहीं कर पाए और घर में ही फंसे रह गए.

बिस्कुट कंपनी के थे मालिक 

शहर के पांडु नगर इलाके में रहने वाले संजय श्याम दासानी (49 वर्ष), उनकी पत्नी कनिका (45 वर्ष) और उनकी घरेलू सहायिका छवि चौहान (24 वर्ष) की आग में जलकर मौत हो गई. स्थानीय व्यवसायी दासानी, अंबाजी फूड्स नामक बिस्कुट कंपनी के मालिक थे और अन्य व्यवसाय से भी जुड़े थे. पुलिस उपायुक्त (मध्य कानपुर) दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि आग सुबह करीब 3 बजे लगी, जब परिवार ने देर रात पूजा-अर्चना की और लकड़ी से बने मंदिर में दीपक जलाकर छोड़ दिया.


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इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खोल पाए

अधिकारी ने कहा, ‘दसानी, उनकी पत्नी और उनकी नौकरानी तीन मंजिला घर की पहली मंजिल पर अपने-अपने कमरों में चले गए थे और जब आग तेजी से पूरे घर में फैल गई, तब वे सो रहे थे. उन्होंने कहा, जब स्थानीय अधिकारियों, जिनमें फायर ब्रिगेड भी शामिल थी, को इसकी सूचना मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और तीनों को रीजेंसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.’ डीसीपी त्रिपाठी ने कहा कि दंपति ने अपने बेडरूम का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक लॉक के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में उन्हें लॉक पैनल पर सही कोड दर्ज करने में परेशानी हुई होगी. पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे उनका बेटा हर्ष दासानी दोस्तों के साथ दिवाली मनाने के बाद घर लौटा तो देखा कि घर में घना धुआं और आग की लपटें उठ रही हैं. उसने तुरंत पड़ोसियों को सूचित किया, जिन्होंने फिर पुलिस और फायर डिपार्टमेंट से संपर्क किया. डीसीपी ने कहा कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है क्योंकि पुलिस आग से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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