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बदायूं में ‘रायते’ का खौफ; जिस भैंस का दूध पिया उसकी रेबीज से मौत, ग्रामीणों के गले में अटकी जान

बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौल गाँव में एक भैंस की मौत के बाद हड़कंप मच गया, जब पता चला कि भैंस को पहले एक पागल कुत्ते ने काटा था.

रिपोर्ट- सुवनेश


बदायूं के पिपरौल गाँव से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. आमतौर पर किसी जानवर की मौत दुखद होती है, लेकिन यहाँ एक भैंस की मौत ने पूरे गाँव की जान हलक में डाल दी है. मामला सिर्फ एक जानवर के मरने का नहीं, बल्कि उस डर का है जो एक ‘पागल कुत्ते’ और ‘रायते’ के जरिए करीब 200 लोगों के घरों तक पहुँच गया है.

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौल गाँव का है. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले गाँव में एक पागल कुत्ते ने एक भैंस को काट लिया था. उस वक्त शायद किसी ने इसे इतनी गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन ट्विस्ट तब आया जब गाँव में एक व्यक्ति की मौत के बाद तेरहवीं का भोज रखा गया. इस भोज में उसी भैंस का दूध इस्तेमाल किया गया और बड़े चाव से मेहमानों और ग्रामीणों को दही का रायता परोसा गया. गाँव के सैकड़ों लोगों ने यह रायता खाया.

जब भैंस की मौत ने खोली पोल

26 दिसंबर को अचानक उस भैंस की मौत हो गई. जब ग्रामीणों को पता चला कि भैंस की मौत ‘रेबीज’ (पागल कुत्ते के काटने) की वजह से हुई है, तो पूरे गाँव में सन्नाटा पसर गया. तेरहवीं में रायता खाने वाले लोगों के पसीने छूट गए. देखते ही देखते खबर आग की तरह फैल गई कि जिस भैंस का दूध सबने पिया था, वह खुद संक्रमण का शिकार थी.

200 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

रेबीज का खौफ ऐसा था कि अगले ही दिन उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में ग्रामीणों का तांता लग गया. क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या महिलाएं. हर कोई बस एक ही जिद पर अड़ा था कि उन्हें जल्द से जल्द एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया जाए. एक साथ करीब 200 लोगों के अस्पताल पहुँचने से स्वास्थ्य विभाग के भी हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम ने लोगों का परीक्षण शुरू किया और एहतियात के तौर पर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेज की.

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाया है और राहत दी है कि समय पर वैक्सीन लगने से घबराने की जरूरत नहीं है. फिलहाल गाँव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लोगों के मन से डर पूरी तरह नहीं निकला है. डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि अगर किसी आवारा या पागल जानवर ने पालतू पशु को काटा हो, तो उसका दूध इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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