Lucknow as Creative City of Gastronomy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ को यूनेस्को की रचनात्मक शहरों की सूची में शामिल होने पर खुशी जताई है, जहां इसे गैस्ट्रोनॉमी (खाद्य संस्कृति) का शहर घोषित किया गया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि लखनऊ अपनी जीवंत संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, जिसका मूल आधार इसकी समृद्ध खाद्य संस्कृति है.
उन्होंने यूनेस्को के इस निर्णय का स्वागत करते हुए विश्व भर के लोगों से लखनऊ की अनूठी विशेषताओं को देखने और अनुभव करने के लिए शहर की यात्रा करने की अपील की. इस घोषणा से लखनऊ का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ गया है.
Lucknow is synonymous with a vibrant culture, at the core of which is a great culinary culture. I am glad that UNESCO has recognised this aspect of Lucknow and I call upon people from around the world to visit Lucknow and discover its uniqueness. https://t.co/30wles8VyN
— Narendra Modi (@narendramodi) November 1, 2025
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने बताया कि लखनऊ को यूनेस्को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क में शामिल करना इसके विशिष्ट खाद्य विरासत और भारत की समृद्ध गैस्ट्रोनॉमिक परंपराओं को मान्यता देता है. यह सम्मान लखनऊ को भोजन और संस्कृति का प्रमुख गंतव्य बनाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, सांस्कृतिक आर्थिक विकास होगा, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर खुलेंगे.
लखनऊ की अवधी व्यंजनों, जैसे गलौती कबाब, अवधी बिरयानी और टोकरी चाट, ने इस सम्मान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह भारत का दूसरा शहर है, जिसे यह खिताब मिला है, पहला शहर हैदराबाद था.
यूनेस्को ने 31 अक्टूबर, 2025 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 43वें महासम्मेलन में यह घोषणा की. इस निर्णय से लखनऊ की खाद्य संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिली है, और यह शहर अब पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है.
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