Ayodhya Ram Mandir pran pratishtha: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का साक्षी बना, जब प्रथम तल पर स्थित राम दरबार में प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई. यह आयोजन अभिजीत मुहूर्त में हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पूजा-अर्चना की.
प्रतिमाएं जयपुर में बनाई गई
राम दरबार मंदिर के पहले तल पर स्थापित किया गया है. इस दरबार में भगवान श्रीराम, माता सीता, उनके अनुज लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भक्त हनुमानजी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. जहां गर्भगृह में भगवान राम बाल रूप में विराजमान हैं, वहीं राम दरबार में वे राजसी स्वरूप में सिंहासन पर विराजमान हैं.
प्रतिमाएं जयपुर में बनाई गई हैं और मकराना के सफेद संगमरमर से तराशी गई हैं. भगवान श्रीराम और सीता माता सिंहासन पर विराजमान हैं, वहीं भरत और हनुमान उनके चरणों में बैठे हैं.
#WATCH Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath attends Pran Prathishtha rituals of Ram Darbar at Shri Ram Janmabhoomi Temple in Ayodhya pic.twitter.com/RIvMQ3f1gf
— ANI (@ANI) June 5, 2025
कार्यक्रम में काशी से आए पंडित
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम सुबह 11:25 बजे शुरू होकर 11:40 बजे तक चला. काशी से आए आचार्य जय प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में 101 विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह अनुष्ठान संपन्न कराया. मूर्तियों की आंखों पर लगी पट्टियां हटाकर उन्हें दर्पण दिखाया गया, जिससे उन्हें ‘दिव्य दृष्टि’ प्रदान की गई.
सूरत के कारोबारी आभूषण दान किए
राम दरबार के लिए सूरत के कारोबारी मुकेश पटेल ने भारी मात्रा में आभूषण दान किए हैं. इन आभूषणों में शामिल हैं – एक हजार कैरेट हीरा, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, और 300 कैरेट रूबी. इनसे 11 मुकुट बनाए गए हैं, जो श्रीराम और उनके भाइयों के लिए हैं. इसके अलावा, गले के हार, कानों के कुंडल, माथे का तिलक, धनुष-बाण, गदा, चंवर और तुणीर भी इस दान में शामिल हैं. ये सभी आभूषण विशेष रूप से चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या लाए गए और ट्रस्ट को सौंपे गए.
लगभग 350 लोग रहे उपस्थित
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लगभग 350 लोगों को आमंत्रित किया गया, जिनमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, साधु-संत और प्रमुख धार्मिक प्रतिनिधि शामिल थे. पिछले साल रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में जहां देशभर की जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं, इस बार आयोजन को अधिक आध्यात्मिक और सीमित रूप में रखा गया.
#WATCH अयोध्या | उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल पर प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान से पहले राम दरबार के समक्ष पूजा-अर्चना की pic.twitter.com/tC62AFti4k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 5, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल राम दरबार में पूजा की, बल्कि मंदिर परिसर में बने छह अन्य उपमंदिरों में भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया. इन मंदिरों में भगवान शिव, श्रीगणेश, हनुमानजी, सूर्यदेव, माता भगवती और अन्नपूर्णा देवी की मूर्तियां प्रतिष्ठित की गई हैं.
कई महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाईं
मंदिर परिसर के सप्त मंडपम में भी कई महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. इनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता अहिल्या और शबरी शामिल हैं. इन मूर्तियों की प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 3 जून से प्रारंभ हुआ था और आज इसका विधिवत समापन हुआ.
इस पूरे आयोजन ने अयोध्या की धरती को एक बार फिर रामभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया. भक्तों के मन में श्रद्धा की लहर दौड़ पड़ी है, और यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विरासत में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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