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कटघरा के ‘आर.एस.एस. गुरुकुल’ ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल, पिता का साया नहीं तो फीस आधी

बलिया जिले के कठघरा स्थित आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी ने शिक्षा जगत में नई मिसाल पेश की है. यहां टॉपर्स को पूरी फीस माफी, पिता विहीन बच्चों को आधी फीस छूट और कोरोना महामारी के दौरान 47 लाख रुपये की फीस माफ कर मानवता का उदाहरण दिया गया.

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कठघरा क्षेत्र में स्थित आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी ने शिक्षा जगत में एक अलग पहचान बनाई है. जहां आमतौर पर स्कूल अपनी पढ़ाई और रिजल्ट्स के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं इस संस्थान ने अपनी संवेदनशील नीतियों और अनोखी परंपराओं से लोगों का दिल जीत लिया है.

गुरु-शिष्य संबंध को बनाए रखने की पहल

इस विद्यालय की खासियत यह है कि यहां शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहते. रविवार को भी वे विद्यार्थियों के घर जाकर अभिभावकों से बातचीत करते हैं. इस तरह की ‘होम विजिट’ नीति से बच्चों की पढ़ाई और उनके व्यक्तित्व विकास पर सकारात्मक असर पड़ता है.

मेधावी छात्रों के लिए पूरी फीस माफी

गुरुकुल ने टॉपर्स को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. हर ग्रुप (A, B, C, D) में प्रथम स्थान पाने वाले छात्र की अगली कक्षा की पूरी फीस माफ कर दी जाती है. वहीं, जिन बच्चों के पिता का निधन हो चुका है, उनके लिए 50% फीस छूट का प्रावधान है ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो.

कोरोना काल में मानवता की मिसाल

महामारी के कठिन समय में जब अभिभावक आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, तब इस स्कूल ने छात्रों को राहत देने का ऐतिहासिक फैसला लिया. प्रबंधक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ ने कुल 47 लाख रुपये से अधिक की फीस माफ कर दी. इस कदम से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली और शिक्षा का सिलसिला बिना रुके जारी रहा.

प्रशासन ने किया सम्मानित

जय प्रताप सिंह के इस निस्वार्थ कार्य को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें ‘कोरोना योद्धा’ का सम्मान दिया. उप-जिलाधिकारी सिकंदरपुर अभय कुमार सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर कहा कि राष्ट्रीय आपदा के समय किया गया यह योगदान समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है.

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शिक्षा का असली उद्देश्य

स्थानीय लोगों ने गुरुकुल की इस पहल का स्वागत किया. उनका कहना है कि आज के दौर में जहां शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया है, वहीं जय प्रताप सिंह जैसे लोग यह साबित कर रहे हैं कि शिक्षा का असली मकसद सेवा और जनकल्याण है.

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-भारत एक्सप्रेस



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