सहारनपुर, उत्तर प्रदेश: ग्रामीण तालीम के मैदान में एक अहम क़दम के तौर पर, ऐतिहासिक जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी का सहारनपुर ज़िले के गांव चौबारा में शनिवार को औपचारिक उद्घाटन किया गया. मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रेश कुमार की शिरकत वाली इस मंजर में तालीम को सिर्फ डिग्रियों से आगे एक ताक़तवर हथियार के तौर पर फिर से परिभाषित करने के सामूहिक नज़रिये की छाप थी.
इंसानियत और विज़न पर आधारित जमावड़ा
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार ने उद्घाटन समारोह को महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ख़ुदा के सबसे करीब एक गहरी मजलिस बताया. शिक्षाविदों, सामाजिक चिंतकों और नागरिकों के मिश्रित समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने अल्पसंख्यक पहचान को ताक़त के तौर पर पेश किया और सभी नागरिकों की संवैधानिक बराबरी की पुष्टि की, साथ ही नौजवानों से आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की.
करियर नहीं, ज़िंदगी की बुनियाद तामीर करना
एकेडमी के मिशन का माहौल तैयार करते हुए, निदेशक श्रीमती अलिया जमाल ने किताबी दायरे से आगे के पाठ्यक्रम का ख़ाका पेश किया. उन्होंने कहा, “हमारा मकसद बच्चों को जीने का हुनर सिखाना, उनकी पहचान को मज़बूत करना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों व नैतिक क़दरों से जोड़ना है.” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्था आने वाले वक़्त में सामाजिक बदलाव की बुनियाद साबित होगी.
एकेडमी बनेगी समाज की आध्यात्मिक ताक़त
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ. शाहिद अख़्तर ने एकेडमी को एक इमारत से कहीं बढ़कर एक “आध्यात्मिक ताक़त” बताया जो समाज को सही दिशा दिखाएगी. इस भावना को वरिष्ठ नेता व सांसद जगदम्बिका पाल ने और मज़बूत करते हुए कहा कि यह दिन भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा और अब यह गाँव देश के भविष्य के नेता पैदा करेगा.
तालीम राष्ट्र की सेवा है
जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा ने राष्ट्र सेवा की परिभाषा को विस्तार देते हुए कहा, “एक सिपाही सिर्फ़ वह नहीं जो वर्दी में सरहद पर खड़ा हो, बल्कि वह है जो अपनी हैसियत में ईमानदारी से देश की सेवा करे.” उन्होंने ज़ोर दिया कि तालीमी जागरूकता भेदभाव और नफ़रत की सोच को मिटाने की कुंजी है.
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तरक्की की बुनियाद तालीम है: विद्वानों का कहना
दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर शिक्षाविद प्रोफ़ेसर डॉ. इमरान चौधरी ने तालीमी नवजागरण की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि तालीम किसी भी समुदाय और इलाक़े की तरक्की का सबसे मज़बूत रास्ता है. बढ़ती ड्रॉपआउट दर पर चिंता जताते हुए उन्होंने बच्चों को उच्च स्तर की तालीम तक पहुंचाने के सामूहिक वादे पर बल दिया.
सामूहिक संकल्प का समारोह
इस कार्यक्रम में मौलाना शाहिद मज़ाहिरी, डॉ. गुड्डू चौहान और साहब सिंह पुंढ़ीर सहित कई प्रमुख शख़्सियतों के अलावा देश भर से जमीयत हिमायत-उल-इस्लाम के राष्ट्रीय व प्रांतीय प्रतिनिधियों ने शिरकत की. कार्यक्रम का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी तालीम को सिर्फ़ ज्ञान ही नहीं, बल्कि चरित्र, इंसाफ, इंसानियत और राष्ट्र निर्माण का एक ताक़तवर माध्यम बनाने के लिए बेहद लगन से काम करेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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