अयोध्या के राम मंदिर परिसर में दानपात्र से हुई कथित चोरी और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में लखनऊ से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि हाल में जो शंकराचार्य सपा प्रमुख पर तीखे सवाल उठा रहे थे, आज अखिलेश यादव उनके सामने जमीन पर विनम्रतापूर्वक बैठे नजर आए.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 9, 2026
इससे पहले अखिलेश यादव पर ही भड़क गए थे शंकराचार्य
इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में राम मंदिर ट्रस्ट विवाद को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया था कि अखिलेश यादव अंदरखाने ‘चंपत राय से मिले हुए हैं’. शंकराचार्य मंदिर ट्रस्ट की गतिविधियों और पारदर्शिता को लेकर लगातार कड़ा रुख अपनाए हुए हैं, और इसी सिलसिले में उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे. हालांकि, अब अखिलेश यादव खुद सारे गिले-शिकवे भुलाकर शंकराचार्य के चरणों में जा पहुंचे हैं.
शंकराचार्य से मिलकर BJP पर बिफरे अखिलेश, SIT को घेरा
इस मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और जांच एजेंसियों पर जमकर भड़ास निकाली. अखिलेश यादव ने कहा, “गौ माता को लेकर शंकराचार्य जी बेहद चिंतित हैं. उत्तर प्रदेश में अजीब माहौल है; विपक्ष पर धड़ाधड़ एफआईआर (FIR) हो रही है, लेकिन विपक्ष की वाजिब शिकायतें दर्ज नहीं की जा रहीं.” राम मंदिर दानपात्र मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण में संदेहास्पद लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाले जाएं, ऐसा होने पर 99.9% आरोपी भाजपाई ही निकलेंगे.
SIT की जांच को आड़े हाथों लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि एसआईटी केवल लीपापोती कर रही है, और इसके एक सदस्य पर खुद 420 का मुकदमा दर्ज है. उन्होंने तंज कसा कि इन लोगों ने महापाप किया है, इसलिए सिर्फ सांचा नहीं, बल्कि अब पूरा ढांचा बदलना चाहिए क्योंकि सनातनी बहुत दुखी हैं.
भाजपा का पलटवार: ‘काल्पनिक मानने वालों को राम याद आए’
अखिलेश यादव के तीखे हमले और उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए एक भाजपा सांसद ने कहा कि यह प्रभु श्री राम की ही असीम कृपा है कि किसी बहाने ही सही, जो लोग पहले भगवान राम को काल्पनिक कहते थे और उन्हें मानते नहीं थे, आज उन्हें राम याद आ रहे हैं. इसके साथ ही भाजपा सांसद ने देश की विपक्षी राजनीति पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस अब पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड हर जगह से टूट रही है, और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की रैली में उन पर अंडे फेंका जाना उनकी अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता का गुस्सा प्रकट करता है.
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