UP Smart Meter News Kasganj: कासगंज/जुम्मन कुरैशी: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. यूपी सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) व्यवस्था को वापस पोस्टपेड (Postpaid) प्रणाली में बदलने का बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले से उन लाखों परिवारों को राहत मिली है, जो मीटर का बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाने से परेशान थे. सरकार के इस कदम का कासगंज जनपद के गंजडुंडवारा नगर में जोरदार स्वागत हुआ, जहां समाजवादी पार्टी (SP) ने इसे ‘जनता की जीत’ करार देते हुए जश्न मनाया.
‘सरकारी मेहरबानी नहीं, जनता के संघर्ष की जीत’ (Abdul Hafeez Gandhi Kasganj)
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने गंजडुंडवारा नगर के मोहल्ला खैरू लाल कुआं के पास स्थानीय लोगों के बीच मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “यह फैसला किसी सरकारी मेहरबानी का परिणाम नहीं, बल्कि जनता के लंबे संघर्ष, व्यापक जनदबाव और लोकतांत्रिक आंदोलनों की बड़ी जीत है. प्रीपेड मीटरों के कारण आम जनता त्रस्त थी और आखिरकार सरकार को जनहित में झुकना ही पड़ा.”
क्या हैं बिजली बिल और कनेक्शन के नए नियम?
- पोस्टपेड सिस्टम: अब बिजली मीटर प्रीपेड से बदलकर पोस्टपेड प्रणाली पर चलेंगे, यानी पहले बिजली इस्तेमाल करें, फिर बिल भरें.
- 10 किस्तों की सुविधा: पुराने बकाया बिलों को एकमुश्त देने का दबाव नहीं होगा, बल्कि उसे 10 आसान किस्तों में जमा करने की छूट रहेगी.
- 1 महीने का ग्रेस पीरियड: बिल न भरने पर बिजली कनेक्शन तत्काल काटने के बजाय अब 1 माह का अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) दिया जाएगा.
- 5 SMS अलर्ट: कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता के मोबाइल पर 5 बार SMS के जरिए सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है.
‘लड़ाई अभी थमी नहीं…’
मिठाई बांटने के बीच अब्दुल हफीज गांधी ने स्पष्ट किया कि भले ही सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन उनकी लड़ाई अभी थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों की ‘तेज रीडिंग’ और ‘ओवर-बिलिंग’ अभी भी मुख्य समस्या है, जिसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच होनी चाहिए. स्थानीय निवासी राशिद अली ने भी प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक स्वतंत्र जांच की मांग की, ताकि जनता को पता चल सके कि उनकी जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कोई तकनीकी खामी है या कुछ और.
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इस फैसले के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है. लोगों का कहना है कि प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई, रात की नींद और घरेलू कामकाज में भारी बाधा आती थी. पोस्टपेड सिस्टम लागू होने से अब कम से कम यूपी की जनता को इस ‘अचानक लगने वाले झटके’ से निजात मिल गई है.
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