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मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में ASP अनुज चौधरी पर लगे बदसलूकी के आरोपों में आया नया मोड़

यूपी के मथुरा से एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा हुआ है, जिसके आधार पर एक एएसपी पर मंदिर सेवायत के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया जा रहा है.

UP News: यूपी के मथुरा से एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा हुआ है, जिसके आधार पर एक एएसपी पर मंदिर सेवायत के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया जा रहा है. वहीं, मामले से जुड़े नए बयानों के सामने आने पर यह और भी उलझता गया. आइए जानते हैं पूरा मामला.

क्या है मामला?

दरअसल, मथुरा के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो से एक पुलिस अधिकारी पर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी सोहित के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा. यह पुलिस अधिकारी कोई और नहीं बल्कि एएसपी अनुज चौधरी हैं.

दरअसल, रविवार 16 नवंबर को बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा दिल्ली से वृंदावन पहुंची थी. मथुरा में इस यात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी एएसपी अनुज चौधरी पर थी, जो बांके बिहारी के दर्शन के साथ खत्म हुई. लेकिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया गया कि मंदिर पहुंचने पर उन्होंने ब्रजवासियों के साथ धक्का-मुक्की की, उनके कपड़े फाड़े और यहां तक कि हाथापाई भी की.

पहला वीडियो भी हुआ जारी

इस मामले के बाद पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी का एक और वीडियो सामने आया, जो इस वायरल वीडियो से पहले का है. इस वीडियो को कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री ने जारी किया और पुलिस अधिकारियों पर बदतमीजी और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया.

वहीं, नए वीडियो में कहा गया कि जब सेवायत गोस्वामी सोहित पूजा सामग्री लेकर धीरेंद्र शास्त्री की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और एएसपी अनुज चौधरी ने उनका कॉलर पकड़कर बदसलूकी की. मंदिर के गोस्वामी हिमांशु ने भी इस पर नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस का आचरण बेहद आपत्तिजनक था.

पलट गया मामला

हालांकि, सोमवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया. मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने साफ किया कि किसी सेवायत के साथ कोई बदसलूकी या बदतमीजी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि धीरेंद्र शास्त्री से मिलने के लिए केवल पांच लोगों को अनुमति थी, लेकिन कई बाहरी लोग और यूट्यूबर्स जबरन अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे.

ऐसे में स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की. साथ ही, मृदुल कांत शास्त्री ने भी बाद में बयान बदलते हुए कहा कि पैदल यात्रा सफल रही और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया.

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-भारत एक्सप्रेस 



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