उत्तर प्रदेश में झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र के पट्टी कुमर्रा गांव में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग सीताराम अहिरवार के साथ एक अजब घटना घट रही है. पिछले 39 वर्षों से हर तीन साल में भादों माह में एक काला सांप उन्हें डसता है. अब तक 13 बार सांप के काटने से उनकी जान पर बन आई, लेकिन हर बार चमत्कारिक ढंग से वे बच जाते हैं. यह सिलसिला 1986 के आसपास शुरू हुआ था, जब सीताराम 40-42 वर्ष के थे. खेत में काम करते हुए पहली बार सांप ने उन्हें काटा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें खेरापति हनुमान मंदिर ले जाकर झाड़-फूंक की और वे ठीक हो गए.
सपनों का रहस्य और सांप का व्यवहार
सीताराम को हर बार सांप काटने से दो दिन पहले एक अजीब सपना आता है, जिसमें उन्हें सांप डसते हुए दिखता है. ग्रामीणों का कहना है कि वे बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन सांप हर बार उन्हें ही निशाना बनाता है. खास बात यह है कि सांप परिवार के किसी अन्य सदस्य को नहीं डसता. झाड़-फूंक करने वाले कमलेश ने बताया, “सांप हमेशा काला होता है. सीताराम बेहोश होकर ट्रॉली में लाए जाते हैं, तब हम बंधन काटने की प्रक्रिया करते हैं.” हाल ही में भी भादों में सांप ने उन्हें काटा, लेकिन मंदिर में उपचार से वे सही सलामत हैं.
ग्रामीणों की मान्यताएं और चर्चा
गांव वाले इसे चमत्कार मानते हैं. कुछ का मानना है कि यह सांप कोई देवता हो सकता है, तो कुछ पुराने विवाद या गड़े हुए धन से जोड़ते हैं. डॉक्टरों की सलाह पर भी वे मंदिर ही जाते हैं, क्योंकि चिकित्सा से पहले ही ठीक हो जाते हैं. यह अनोखा मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग सीताराम की कहानी सुनकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं.
झांसी के पट्टी कुमर्रा गांव के 70 वर्षीय सीताराम अहिरवार को 39 साल से हर 3 साल में काला सांप डसता है. 13 बार जान पर बनी, लेकिन हर बार बच गए. सपनों से पहले पता चलता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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