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योगी सरकार की संपन्न हुई अब तक की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा, बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और जैमर से कड़ी निगरानी

उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को योगी सरकार ने पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराया. बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती जैसे फूलप्रूफ इंतजाम किए गए.

UP police

प्रतीकात्मक तस्वीर.

योगी सरकार ने प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए फूलप्रूफ प्लान बनाया था. इसके तहत योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती की परीक्षा को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध किये थे.

हर परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी जबकि केंद्र में अभ्यर्थियों की संख्या के अनुरूप केंद्र पर्यवेक्षक के रूप में पुलिस उपाधीक्षक से लेकर सब इंस्पेक्टर को तैनात किया गया था. वहीं सीसीटीवी कैमरों से गहन निगरानी की गयी थी. साथ ही सभी अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के बाद भी उन्हे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया था.

जैमर और उड़ान दस्तों से नकल पर नकेल

डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप परीक्षा के लिए विभिन्न प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती की गई थी. वहीं जनपद स्तर पर जिलाधिकारी जनपदीय पर्यवेक्षक (मजिस्ट्रेट) के रूप में तैनात किये गये थे. उनके द्वारा परीक्षा केन्द्र ड्यूटी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती समेत अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गयी थी.

इसके तहत जिलाधिकारी द्वारा हर सेंटर पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ सहायक केंद्र पर्यवेक्षक की तैनाती की गई थी. इसके अलावा अपर जिलाधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी (प्रशासन) के रूप में नियुक्त किया गया था जबकि 3 परीक्षा केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गयी थी. इतना ही नहीं नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए उड़ान दस्ते भी मुस्तैद किये गये थे.

वहीं केंद्र पर्यवेक्षक के रूप में पुलिस उपाधीक्षक से लेकर सब इंस्पेक्टर को तैनात किया गया था. प्रदेश के जिन सेंटर पर एक हजार से अधिक अभ्यर्थी थे, वहां पुलिस उपाधीक्षक को तैनात किया गया था. वहीं एक हजार तक अभ्यर्थी वाले सेंटर पर इंस्पेक्टर और पांच सौ तक अभ्यर्थी वाले सेंटर पर सब इंस्पेक्टर को नियुक्त किया गया था.

हर केंद्र पर कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी

परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केन्द्र पर नियुक्त कर्मियों में से 50 प्रतिशत जिलाधिकारी और शेष 50 प्रतिशत केन्द्र व्यवस्थापक (प्रधानाचार्य) द्वारा नियुक्त किये गये थे. इनमें परीक्षा सहायक प्रथम एवं द्वितीय जिलाधिकारी और केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा नियुक्त किये गये थे जबकि 12 अभ्यर्थियों पर एक अंतरीक्षक को तैनात किया गया था. इसके साथ सहयाेगी अंतरीक्षक भी तैनात किये गये थे.

परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए सही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाए, इसके लिए तकनीक का प्रयोग किया गया था. इसके लिए परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थियों की चैकिंग, फ्रिस्किंग एवं पर्यवेक्षण की उचित व्यवस्था की गई थी. केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रवेश फिजिकल फ्रिस्किंग, एचएचएमडी द्वारा फ्रिस्किंग, बायोमैट्रिक फिंगर प्रिन्ट एवं फेशियल रिकॉग्निशन के बाद ही दिया गया था.

वहीं फेशियल रिकॉग्निशन न होने पर एफआरआईएस कैप्चर करने की भी व्यवस्था की गई थी. फेशियल रिकॉग्निशन में संशय होने पर अभ्यर्थी का आधार ऑथेंटिकेशन कराया गया था. इसके अलावा सभी केन्द्रों पर इलेक्ट्रानिक डिवाइसेज जैसे मोबाइल, ब्लूटूथ को निष्क्रिय करने के लिये जैमर लगाए गए थे. परीक्षा कक्ष एवं केन्द्र में सीसीटीवी लगाकर निगरानी की गयी थी, जिसका लाइव फीड केन्द्र के कन्ट्रोल रूम, जनपद के कन्ट्रोल रूम एवं भर्ती बोर्ड मुख्यालय के कन्ट्रोल रूम में प्राप्त किया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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