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योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: ननवा का राजपुर में ₹40Cr की सरकारी जमीन से ‘साफ’ हुआ कब्जा

Encroachment Removal Campaign: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ननवा का राजपुर गांव में करीब 20 हजार वर्ग मीटर जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई हुई जिसमें करीब 40 करोड़ रुपये आंकी गई.

bulldozer action

समीर/ग्रेटर नोएडा


Greater Noida Authority: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में अवैध अतिक्रमण और भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर एक बार फिर गरजा है. प्राधिकरण के सीईओ के कड़े रुख के बाद, अधिसूचित क्षेत्रों में बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माणों पर निरंतर प्रहार किया जा रहा है. करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित की गई है.

जिसमें ननवा का राजपुर में सरकारी संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश कर रहे कॉलोनाइजरों के मंसूबों को नाकाम करते हुए करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित की गई है.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ननवा का राजपुर गांव में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर करीब 20,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से मुक्त कराया है. इस जमीन की बाजार दर लगभग 40 करोड़ रुपये है. प्राधिकरण की टीम ने भारी पुलिस बल की सहायता से खसरा नंबर 156 पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को महज 2 घंटे में ध्वस्त कर दिया और अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया.

सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया

ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है. ताजा मामला ननवा का राजपुर गांव का है, जहां प्राधिकरण की टीम ने करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है. यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) के सीईओ एनजी रवि कुमार के कड़े निर्देशों पर की गई.

अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये

प्राधिकरण के दस्ते ने भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों के साथ गांव में पहुंची. यहां खसरा नंबर 156 और उसके आसपास की लगभग 20,000 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉटिंग की जा रही थी. भू-माफिया सरकारी जमीन को निजी लाभ के लिए काटकर बेचने की तैयारी में थे, लेकिन प्राधिकरण ने महज 2 घंटे की त्वरित कार्रवाई में सभी अवैध निर्माणों और बाउंड्री वॉल को जमींदोज कर दिया.

मुक्त कराई गई इस भूमि की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कानूनी विवाद या धोखाधड़ी का शिकार न हों

एसीईओ सुमित यादव ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही, अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई निवेश करने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से जमीन की स्थिति की जांच जरूर कर लें, ताकि वे किसी कानूनी विवाद या धोखाधड़ी का शिकार न हों.

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-भारत एक्सप्रेस 



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