इजरायली सेना ने शनिवार को गाजा शहर में एक 15 मंजिला आवासीय टावर को ध्वस्त कर दिया. इससे एक दिन पहले उसने पूरे क्षेत्र में अपने बढ़ते सैन्य अभियान के तहत एक अन्य ऊंची इमारत को ध्वस्त कर दिया था.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने गाजा के निवासियों के हवाले से बताया कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने गाजा शहर के पश्चिमी भाग में स्थित अल-सूसी टावर पर लगातार कई मिसाइलें दागीं, जिससे वह कुछ ही मिनटों में मलबे में तब्दील हो गया.
Not a single building in Gaza will stand if you don’t immediately surrender and free every last hostage now.pic.twitter.com/SZSRAFUUIh
— Vivid.🇮🇱 (@VividProwess) September 6, 2025
दहल गया इलाका
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, शक्तिशाली विस्फोटों से आसपास के इलाके दहल गए और आस-पास के घरों, दुकानों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा.
टावर के पास रहने वाले 42 वर्षीय अहमद अल-रस ने शिन्हुआ को बताया कि जैसे ही मिसाइलें गिरीं, हमें अपने पैरों तले जमीन हिलती हुई महसूस हुई. हमने सब कुछ पीछे छोड़ दिया. हम बस बच्चों को लेकर भाग सकते थे.
दर्जनों परिवार विस्थापित
गाजा पट्टी में नागरिक सुरक्षा के प्रवक्ता महमूद बसल ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि उनके दल मलबे के नीचे जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. अभी तक किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है. हालांकि, दर्जनों परिवार विस्थापित हो गए हैं, क्योंकि इस इमारत में कई विस्थापित फिलिस्तीनी रहते थे.
अल-सूसी टावर पर हमला पश्चिमी गाजा शहर में स्थित 13 मंजिल वाले मुश्ताहा टावर को इजरायली विमानों द्वारा ध्वस्त किए जाने के लगभग 24 घंटे बाद हुआ.
हमास कर रहा था इस टावर का उपयोग
एक बयान में, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया कि अल-सूसी टावर का इस्तेमाल हमास द्वारा खुफिया जानकारी जुटाने वाले उपकरण लगाने और क्षेत्र में आईडीएफ सैनिकों की स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी चौकियाँ स्थापित करने के लिए किया जाता था.
पहले ही लोगों को हटने का दिया गया था निर्देश
बयान में कहा गया है कि हमास ने इमारत के पास भूमिगत बुनियादी ढांचा भी स्थापित किया है, जहां से आतंकवादी हमारे बलों पर हमले करते हैं. आईडीएफ ने बताया कि हमले से पहले, निवासियों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सटीक उपाय किए गए थे, जिनमें पहले से ही निकासी की चेतावनी देना भी शामिल था.
बता दें कि, पिछले कुछ हफ्तों में, इजरायली सेना ने गाजा शहर और तटीय पट्टी के अन्य इलाकों में अपने अभियानों का विस्तार किया है और कहा है कि उनका लक्ष्य हमास का सफाया करना है.
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पिछले कई दिनों से ऊंची इमारतें बनी निशाना
तेज़ बमबारी ने रिहायशी इलाकों, ऊंची इमारतों वाले टावरों और इजरायली पक्ष द्वारा आतंकवादी ढांचे के रूप में वर्णित ढांचे को निशाना बनाया है. स्थानीय सूत्रों ने बताया कि हाल के दिनों में रिहायशी टावरों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे विस्थापित नागरिकों में चिंता बढ़ गई है.
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 2023 में दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के बाद से, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 बंधक बनाए गए, गाजा में इजरायल के हमले में 64,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए और 161,000 घायल हुए हैं.
– भारत एक्सप्रेस
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