Afghanistan Taliban Attack On Pakistan: डूरंड लाइन पर जारी तनाव अब एक पूर्ण विकसित युद्ध की तरह तब्दील हो चुका है. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के उन रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जो कभी भारतीय सेना के निशाने पर रहे थे. ताजा घटनाक्रम में अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के ‘नूर खान एयरबेस’ समेत कई महत्वपूर्ण सैन्य मुख्यालयों पर भीषण एयरस्ट्राइक की है, जिससे पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है.
भारत के बाद अब Taliban का प्रहार
रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस एक बार फिर धुएं और मलबे के ढेर में तब्दील होता दिख रहा है. गौरतलब है कि यह वही एयरबेस है जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी ब्रह्मोस मिसाइलों से तहस-नहस किया था. अब तालिबान ने इसी ‘भारत वाले टारगेट’ को चुनकर पाकिस्तान की वायुसेना (PAF) को करारी चोट दी है. अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उनके लड़ाकू विमानों ने इस बेस पर सटीक निशाना साधते हुए भारी तबाही मचाई है.
तालिबान का ‘ऑपरेशन पलटवार’ (Taliban Attack On Pakistan)
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के केवल एक एयरबेस ही नहीं, बल्कि कई सैन्य केंद्रों को दहला दिया है. तालिबान ने क्वेटा स्थित पाकिस्तान की 12वीं कोर के हेडक्वार्टर पर सीधा हवाई हमला किया. खैबर पख्तूनख्वा के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस इलाके में भी अफगान वायुसेना ने बमबारी की है. तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा काबुल और बगराम के हवाई क्षेत्र (Airspace) का उल्लंघन करने के जवाब में की गई है.
पाकिस्तान ने किया बड़ा दावा
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी इस जंग में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. पाकिस्तानी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने दावा किया है कि अब तक के सैन्य ऑपरेशन में तालिबान के 415 लड़ाके मारे गए हैं और 580 से ज्यादा घायल हुए हैं. पाकिस्तान का दावा है कि उसने अफगानिस्तान की 182 चौकियों को नष्ट कर दिया है और 185 टैंकों व बख्तरबंद वाहनों को जमींदोज कर दिया है. पाकिस्तानी सेना ने 31 अफगान चौकियों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने का भी दावा किया है.
दो पड़ोसियों के बीच ‘आर-पार’ की जंग
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी है कि उनकी संप्रभुता के साथ किसी भी खिलवाड़ का करारा जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हमला होना यह दर्शाता है कि अब तालिबान रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक युद्ध नीति अपना रहा है.
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जिस तरह से दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, उससे दक्षिण एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आहट सुनाई दे रही है. ‘नूर खान एयरबेस’ पर हुआ यह हमला पाकिस्तान के मनोबल को तोड़ने वाला है, क्योंकि यह बेस उसकी रक्षा पंक्ति का प्रमुख हिस्सा माना जाता है. फिलहाल, दोनों देशों के बीच गोलीबारी और हवाई हमलों का दौर जारी है.
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