Bharat Express DD Free Dish

Axiom-4 Mission: 22.5 घंटे की यात्रा के बाद धरती पर उतरेगा ड्रैगन यान, नासा की ये है टाइमलाइन, सोनिक बूम से होगा अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत

Axiom-4 Mission: स्पेसएक्स का ड्रैगन यान Ax4 क्रू के साथ धरती पर कई चरणों में उतरेगा. जिसको लेकर नासा ने एक समय सारणी तैयार की है. जिसमें समय के हिसाब से ड्रैगन यान के कार्यों को तय किया गया है.

Axiom-4 Mission: स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान एक्सिओम मिशन 4 (Ax4) के चारों सदस्यों को लेकर तेजी से धरती की तरफ बढ़ रहा है. इस यान के अंदर भारत के शुभांशु शुक्ला के साथ 3 और भी अंतरिक्ष यात्री हैं. ड्रैगन अंतरिक्ष यान 22.5 घंटे की यात्रा के बाद धरती पर उतरेगा. यह यान कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में उतरेगा.

स्पेसएक्स का ड्रैगन यान Ax4 क्रू के साथ धरती पर कई चरणों में उतरेगा. जिसको लेकर नासा ने एक समय सारणी तैयार की है. जिसमें समय के हिसाब से ड्रैगन यान के कार्यों को तय किया गया है.

इस समय सारणी के मुताबिक,

  • 1:37 a.m. | July 15- Deorbit Burn: स्पेसक्राफ्ट अपने इंजन जलाकर (burn करके) अपनी कक्षा (orbit) से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू करता है ताकि वह धरती की तरफ लौट सकें.
  • 1:56 a.m. PT | July 15- Trunk Jettison: स्पेसक्राफ्ट का “trunk” हिस्सा (नीचे का हिस्सा जो आमतौर पर सौर पैनल और सामान ले जाता है) अलग कर दिया जाता है क्योंकि वापसी के समय इसकी जरूरत नहीं होती.
  • 2:00 a.m. | July 15- Nosecone Closed: स्पेसक्राफ्ट का आगे का हिस्सा (nosecone), जो डॉकिंग के समय खुला रहता है, अब बंद कर दिया जाता है ताकि re-entry के दौरान सुरक्षा बनी रहे.
  • 2:27 a.m. | July 15 – Drogue Parachutes Deploy: सबसे पहले छोटे पैराशूट (drogue parachutes) खुलते हैं ताकि स्पेसक्राफ्ट की गति धीमी हो सके.
  • 2:28 a.m. | July 15- Main Parachutes Deploy: उसके तुरंत बाद बड़े पैराशूट खुलते हैं ताकि स्पेसक्राफ्ट सुरक्षित और धीरे-धीरे धरती की ओर उतर सके.
  • 2:31 a.m. | July 15- Dragon Splashdown: स्पेसक्राफ्ट समुद्र में उतरता है (splashdown)। यही आखिरी चरण होता है जहां मिशन सफलतापूर्वक समाप्त होता है.

सोनिक बूम से होगा यात्रियों का स्वागत

इस प्रक्रिया के दौरान ड्रैगन स्पेस क्राफ्ट एक सोनिक बूम के जरिये मिशन की सफलता का ऐलान करेगा. मिशन की सफलता को लेकर आस लगाए लोगों को सैन डिएगो तट पर ये आवाज सुनने को मिल सकती है.

इस रास्ते के जरिये धरती पर आएगा यान

Axiom-4 mission
इस रास्ते धरती पर आएगा ड्रैगन यान (साभार- स्पेसएक्स)

4 देशों के सदस्य हैं चालक दल में शामिल

Ax-4 के चालक दल में भारत, पोलैंड और हंगरी के सदस्य शामिल हैं, जो इतिहास में प्रत्येक देश का अंतरिक्ष स्टेशन पर पहला मिशन और 40 से अधिक वर्षों में दूसरा सरकारी प्रायोजित मानव अंतरिक्ष यान मिशन है.

  • शुभांशु शुक्ला: 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री बने.
  • स्लावोज़ उज़्नान्स्की-विस्निएव्स्की: यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के परियोजना अंतरिक्ष यात्री, 1978 के बाद से दूसरे पोलिश अंतरिक्ष यात्री हैं.
  • तिबोर कापू: 1980 के बाद से दूसरे राष्ट्रीय हंगेरियन अंतरिक्ष यात्री हैं.
  • पेगी व्हिटसन: पेगी अपने दूसरे वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष यान मिशन का नेतृत्व कर रही हैं, जो किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने के उनके स्थायी रिकॉर्ड में एक और नाम जोड़ रहा है.

क्या है Ax-4 मिशन

Ax-4 सरकारी और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों से बना दूसरा वाणिज्यिक अंतरिक्ष यान मिशन है. यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए एक अवसर की किरण के रूप में है, जो अपने राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए इस मिशन पर आए हुए हैं.

ये भी पढ़ें- वेलकम टू अर्थ शुभांशु! आज 18 दिन बाद धरती पर लौटेंगे शुभांशु शुक्ला, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी बधाई

शुभांशु शुक्ला पर सरकार ने खर्च किये 550 करोड़ रुपये

शुभांशु शुक्ला को अंतरीक्ष स्टेशन भेजने के लिए इसरो ने लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किये. बताया जा रहा है कि इसरो अपने गगनयान प्रोजेक्ट को लेकर शुभांशु शुक्ला को अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भेजा था.भारत जहां पर अपना पहला अंतरिक्ष मिशन गगनयान प्रोजेक्ट 2027 में लॉन्च करने वाला है.

अंतरिक्ष से धरती पर लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों से उभरने के लिए 7 दिनों तक रीहैबिलिटेशन में रहना होगा. इस दौरान उनकी चिकित्सकों के द्वारा निगरानी रखी जाएगी. ताकि फिर से वो धरती के गुरुत्वाकर्षण के साथ यूज टू हो सकें.

– भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read