Ayatollah Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की विदाई के दौरान तेहरान में आयोजित राजकीय समारोह में संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भावुक हो गए. कैमरों ने उस पल को कैद किया जब दोनों की आंखों से आंसू छलक पड़े. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक था.
सुरक्षा इंतजाम और माहौल
तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेग मोतामदियन ने कहा कि इस शोक सभा और अंतिम संस्कार कार्यक्रम में सुरक्षा के सबसे ऊंचे स्तर का इंतजाम किया गया है. ईरान में तनावपूर्ण हालात के बीच यह आयोजन किया गया.
बगदाद में बंदी का ऐलान
बगदाद के गवर्नर अतवान अल-अतवानी ने घोषणा की कि अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान बगदाद बंद रहेगा. भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने समारोह में हिस्सा लिया.
भारतीय नेताओं की मौजूदगी
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि भारतीय हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि दी. तस्वीरों में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद दिखाई दिए.
रूस से मेदवेदेव पहुंचे
रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव भी तेहरान पहुंचे. प्रेस टीवी के अनुसार, ग्रैंड मोसाल्ला में आयोजित समारोह में ईरान के शीर्ष अधिकारी और विदेशी गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख ग़ोलम-हुसैन मोहसेनी एजेई और एक्सपेडिएंसी काउंसिल के अध्यक्ष अयातुल्ला सादेक़ अमोलि लारीजानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
विदेशी नेताओं की भागीदारी
तुर्कमेनिस्तान के गुरबांगुली बर्दिमुहामेदोव, इराकी राष्ट्रपति निजार अमेदी, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर समेत कई देशों के नेता मौजूद रहे.
संसद अध्यक्ष और मंत्री भी आए
इराक, अजरबैजान, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और किर्गिस्तान के संसद अध्यक्ष, मिस्र की सीनेट के अध्यक्ष, ओमान के संसद अध्यक्ष और कई अन्य देशों के मंत्री भी शामिल हुए. शंघाई सहयोग परिषद और इस्लामिक सहयोग संगठन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.
100 देशों की भागीदारी
ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि और प्रमुख हस्तियां इस समारोह में शामिल हुईं. आठ देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री और 12 देशों के संसद अध्यक्ष भी मौजूद रहे.
यूरोप के कुछ देशों को नहीं बुलाया गया
जिन यूरोपीय देशों ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था, उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया. ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल होंगे.
अंतिम दर्शन और दफन
सोमवार को तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा जाएगा. 9 जुलाई को मशहद में दफनाने से पहले कोम, बगदाद, कर्बला और नजफ़ में अन्य रस्में अदा की जाएंगी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

