Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

50% सनातनी आबादी वाली सीट पर हिंदू उम्मीदवार से मचा बवाल, 17 करोड़ के बांग्लादेश में सिर्फ 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनावों में अल्पसंख्यकों की भागीदारी बेहद सीमित नजर आ रही है. 300 सीटों के चुनाव में केवल 80 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि देश की लगभग 8% आबादी हिंदुओं की है.

Bangladesh Election 2026

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश पूर्व पीएम शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद नए भविष्य की राह देख रहा है. देश में चल रहे संघर्ष के बीच चुनाव का बिगुल फूंक दिया है. 12 फरवरी 2026 को जनता नई सरकार चुनने के लिए मतदान करेगी. लेकिन इस चुनाव में अल्पसंख्यक उम्मीदवारों की भागीदारी सिर्फ नाम मात्र बची है.

17 करोड़ आबादी वाले इस देश में यह खबर चौंकाने वाली है कि मात्र 80 उम्मीदवार अल्पसंख्य समुदाय से हैं. जहां हिंदुओं पर तमाम तरह के जुल्म हुए हैं, वहां प्रतिनिधित्व की जंग में हिंदू समेत दूसरे अल्पसंख्यकों का पिछड़ना बेहद चिंताजनक है.

अल्पसंख्य समुदाय से मात्र 80 उम्मीदवार

बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं, लेकिन आम चुनाव 300 सीटों के लिए ही कराए जाते हैं. ये 300 सीटें सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से चुनी जाती हैं, जबकि शेष 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं, जिन्हें बाद में चुनाव में चुनी गई पार्टियों को उनके अनुपात के आधार पर आवंटित किया जाता है. इस बार भी 300 सीटों पर चुनाव हो रहा है और बहुमत का आंकड़ा 151 सीटों का है.

बांग्लादेश में 2022 की जनगणना के अनुसार करीब 1.31 करोड़ हिंदू रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 7.95 प्रतिशत हैं. मौजूदा चुनाव में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 80 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 12 निर्दलीय हैं. इन अल्पसंख्यक उम्मीदवारों में 10 महिलाएं भी शामिल हैं.

हिंदू नेता की उम्मीदवारी रद्द

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के आरोपों के बीच यूनुस सरकार का एक और काला रूप सामने आया है. फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले शेख हसीना की पुरानी सीट गोपालगंज-3 से बुरी खबर आई है. हिंदुओं की आवाज माने जाने वाले नेता गोबिंददेब प्रमाणिक का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया. यह वही सीट है जहां 50% से अधिक मतदाता हिंदू हैं.

इसके अलावा, गोनो फोरम से जुड़े हिंदू उम्मीदवार दुलाल विश्वास का आवेदन भी कागजात की कमी के कारण रोका गया है, हालांकि उन्हें दस्तावेज जमा करने का एक और मौका मिला है. वहीं गोपालगंज-2 से निर्दलीय हिंदू उम्मीदवार उत्पल विश्वास चुनावी मैदान में बने हुए हैं.

हिंदू पर हो रहे अत्याचार

बता दें कि पिछले 6 महीनोंमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा की बाढ़ आई है. यहां हिन्दू समेत दूसरे अल्पसंख्यक लगातार हाशिये पर जा रहे हैं. ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 से जनवरी 2026 तक 116 अल्पसंख्यक मौतें हुईं हैं. इनमें ज्यादातर हिंदू हैं. इन मौतों में 12 मॉब लिंचिंग शामिल हैं.


ये भी पढ़ें: “जर्मनों को दबाकर रखो…” NATO का 77 साल पुराना नियम टूटा! हिटलर के बाद पहली बार महाशक्ति बनने की राह पर जर्मनी


बांग्लादेश में कुल 1981 उम्मीदवार

बांग्लादेश के आम चुनाव में 298 सीटों के लिए कुल 1981 उम्मीदवार मैदान में हैं. चुनाव के डेटा के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने इस 288 सीटों पर अपने प्रतिनिधी उतारे हैं. जमात-ए-इस्लामी 224 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के उम्मीदवार 253 सीटों पर हैं. जातीय पार्टी 192 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के उम्मीदवार 32 सीटों पर है. शेख हसीना की अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध के कारण बीएनपी को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital