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Bangladesh election results: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की है. 299 सीटों वाली संसद में बीएनपी को 209 सीटें मिलीं, जिससे उसे स्पष्ट बहुमत हासिल हुई. दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी पार्टी को 68 सीटों पर सफलता मिली. इस चुनाव में कुछ ऐसी पार्टियां भी चर्चा में रहीं, जिनके चुनाव चिह्न भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से मिलते-जुलते हैं. इनमें ‘कमल’, ‘हाथ का पंजा’, ‘हाथी’ और ‘साइकिल’ जैसे निशान शामिल रहे, जिन पर लोगों की खास नजर थी.
BJP को मिली एक सीट
आम चुनाव में बांग्लादेश जातीय पार्टी (BJP) को केवल एक सीट पर जीत मिली, जबकि कई अन्य चर्चित दल अपना खाता भी नहीं खोल सके. दिलचस्प बात यह है कि बांग्लादेश की बीजेपी का चुनाव चिह्न भारत की तरह ‘कमल’ नहीं, बल्कि ‘बैलगाड़ी’ है. वहीं हाथी और साइकिल के निशान वाली पार्टियां भी मैदान में थीं, लेकिन मतदाताओं ने इन दलों को पूरी तरह नकार दिया.
‘हाथ का पंजा’ और ‘कमल’ का निशान
इसी तरह बांग्लादेश में एक पार्टी है, जिसका चुनाव चिन्ह ‘हाथ का पंजा’ है. ये ठीक वैसा ही है जैसा भारत की कांग्रेस पार्टी का है. इस पार्टी का नाम है- बांग्लादेश मुस्लिम लीग (BML). इस पार्टी का इतिहास मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 1906 में हुई थी. मुस्लिम लीग कई बार टूट चुकी है और इसके कई धड़े बन चुके हैं. बांग्लादेश मुस्लिम लीग- BML इसी का ही एक धड़ा है.
शेख हसीना की सरकार के खिलाफ जब 2024 में विद्रोह भड़का था, तब इसकी अगुवाई युवाओं, खासकर छात्रों ने की थी. इस विद्रोह को ‘जुलाई विद्रोह’ नाम दिया गया था. इसी विद्रोह से निकले नेताओं ने पिछले साल फरवरी में ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ यानी NCP बनाई थी. इसका चुनाव चिन्ह ‘कमल’ है. भारत में बीजेपी का चुनाव चिन्ह भी ‘कमल’ है.
‘हाथी’ और ‘साइकिल’ भी मैदान में
इस चुनाव में कई ऐसी पार्टियां हैं, जिनके चुनाव चिन्ह भारतीय राजनीतिक पार्टियों से मिलते-जुलते हैं. मसलन, जिन्ना की ही मुस्लिम लीग से निकलकर बनी एक और पार्टी ‘बांग्लादेश मुस्लिम लीग’ का चुनाव चिन्ह ‘लालटेन’ है. भारत में लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का चुनाव चिन्ह भी ‘लालटेन’ ही है.
इसी तरह ‘बांग्लादेश रिपब्लिकन पार्टी’ का चुनाव चिन्ह ‘हाथी’ है. वही ‘हाथी’ जो मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का चुनाव चिन्ह है. वहीं, बांग्लादेश की ‘जातीय पार्टी’ का चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ है. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह भी यही ‘साइकिल’ है.
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किसको कितनी सीटें मिलीं
बांग्लादेश में 299 सीटों पर हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीएनपी ने 209 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. उसके सहयोगी दल, गणोसम्हति आंदोलन, बांग्लादेश जातीय पार्टी और गोनो ओधिकार परिषद ने एक-एक सीट जीती. इस तरह बीएनपी गठबंधन का कुल आंकड़ा 212 सीटों तक पहुंच गया.
जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई और उसने 68 सीटें जीतकर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. जमात गठबंधन को कुल 77 सीटें मिलीं. इसमें ‘कमल’ चुनाव चिह्न वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने 6 सीटों पर जीत हासिल की. इसके अलावा बांग्लादेश खिलाफत मजलिस को दो सीटें और एक अन्य संबद्ध दल को एक सीट मिली.
इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को एक सीट से संतोष करना पड़ा, जबकि सात सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे. चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में स्पष्ट रूप से दो बड़े गठबंधनों की ताकत को सामने ला दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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