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अपने ही देश में एंट्री नहीं! भारत-बांग्लादेश सीमा पर 2 दिन फंसे रहे 10 बांग्लादेशी; BGB पर रोकने का आरोप

Bangladesh Border News: भारत-बांग्लादेश सीमा पर करीब दो दिनों तक फंसे रहने के बाद 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले स्थित एक होल्डिंग सेंटर में वापस लाया गया. आरोप है कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने उन्हें अपने देश में प्रवेश करने से रोक दिया था.

Bangladesh Border News

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Bangladesh Border News: भारत-बांग्लादेश सीमा पर करीब दो दिनों तक फंसे रहने के बाद 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले स्थित एक होल्डिंग सेंटर में वापस लाया गया. आरोप है कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने उन्हें अपने देश में प्रवेश करने से रोक दिया था.

सूत्रों के अनुसार, ये बांग्लादेशी नागरिक पिछले दो दिनों से भारत-बांग्लादेश सीमा पर जीरो लाइन के पास अपने देश लौटने का प्रयास कर रहे थे. हालांकि, आरोप है कि सीमा पार करने की कोशिश के दौरान बीजीबी के जवानों ने उन्हें बांग्लादेश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी.

भीषण गर्मी और बारिश के बीच दो दिन तक जीरो लाइन पर इंतजार करने के बाद बीएसएफ ने सोमवार को उन्हें वापस लाकर कोतवाली थाने के हवाले कर दिया. बाद में पुलिस ने सभी को जलपाईगुड़ी क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया.

जयपुर जीरो प्वाइंट पर फंसे थे बांग्लादेशी

बताया गया है कि ये सभी लोग भारत-बांग्लादेश सीमा पर जयपुर जीरो प्वाइंट क्षेत्र में फंसे हुए थे. बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद उन्हें अपने देश में प्रवेश नहीं करने दिया गया.

होल्डिंग सेंटर लाए गए लोगों में जेसोर जिले के बेनापोल निवासी मोहम्मद अब्दुल सलाम (38), उनकी पत्नी यासमीन (30) और छह वर्षीय पुत्र मोहम्मद इरफान इस्लाम शामिल हैं.

इसके अलावा कुश्तिया जिले के मेहंदी हसन (31), चिटगांव के कानोपल्ली क्षेत्र के शमसुल आलम (46), उनकी पत्नी तसलीमा अख्तर (30), पुत्र मोहम्मद शाहीन (10) और पुत्री साहिमा अख्तर (10) भी शामिल हैं.

साथ ही सतखीरा जिले के उस्मान और खुलना जिले के मोहम्मद मुन्ना को भी बीएसएफ की 39वीं बटालियन द्वारा राधाबाड़ी-सिलीगुड़ी सेक्टर से लाकर होल्डिंग सेंटर में रखा गया है.

कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक होल्डिंग सेंटर में रहेंगे और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के विभिन्न जिलों के ये नागरिक कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे.

‘अधिकारी सरकार’ के बाद बदला बंगाल का माहौल

पश्चिम बंगाल में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने कथित अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. इसके बाद बांग्लादेश लौटने की कोशिश करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है.

हालांकि, आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों को वापसी के दौरान बीजीबी की ओर से बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है.

सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ पहले इन नागरिकों को बांग्लादेश भेजने के लिए बेरुबाड़ी सीमा तक ले गई थी. लेकिन बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली बीजीबी की 56वीं बटालियन ने कथित तौर पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी.

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बेरुबाड़ी ग्राम पंचायत के उपप्रधान दिलीप कुमार दास ने कहा, “हम चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की पहल करें. लेकिन बांग्लादेश सरकार अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं दिख रही है. दो दिन तक जीरो प्वाइंट पर फंसे रहने के बाद बीएसएफ उन्हें होल्डिंग सेंटर ले आई है. हम चाहते हैं कि उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाए.

-भारत एक्सप्रेस



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