Brazil News: ब्राजील की राजनीति में इन दिनों हलचल थमने का नाम नहीं ले रही. सोमवार को देश की सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया, जिसने पूरे सियासी माहौल को गर्मा दिया है. 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद सत्ता में बने रहने की कथित साजिश के आरोप में पूर्व राष्ट्रपति जैयर बोलसोनारो को घर में नजरबंद कर दिया गया है.
अब वे राजधानी ब्रासीलिया स्थित अपने घर से बाहर नहीं जा सकेंगे. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उनके सभी यात्रा अधिकार तत्काल प्रभाव से रद्द हैं और उनपर फेडरल पुलिस की निगरानी 24 घंटे बनी रहेगी.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इस मामले को अब केवल ब्राजील ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी गंभीरता से देखा जा रहा है.
आखिर क्यों भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज?
इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे सुप्रीम कोर्ट के जज एलेक्जेंडर डी मोरेस ने अपने आदेश में कहा कि 70 वर्षीय बोलसोनारो ने अदालत द्वारा पहले से तय किए गए नियमों का खुला उल्लंघन किया.
दरअसल, उन पर यह आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिबंधित प्रचार सामग्री साझा की. सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने यह सामग्री सीधे अपने तीनों सांसद बेटों के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करवाई. इतना ही नहीं, रविवार को रियो डी जेनेरियो में उन्होंने अपने बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोलसोनारो के मोबाइल फोन से एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित किया.
कोर्ट को यह भी आपत्ति रही कि पहले ही उन्हें इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनिटर पहनने का आदेश दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने निर्धारित सीमाएं लांघीं. अब फेडरल पुलिस उनकी गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखेगी.
ट्रंप तक पहुंचा मामला
यह ट्रायल अब ब्राजील की सीमा लांघकर अमेरिका तक पहुंच गया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोलसोनारो की न्यायिक कार्रवाई को लेकर नाराज़गी जताई है. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि ब्राजील से आने वाले उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ इसलिए लगाया गया है क्योंकि वहां के लोकतांत्रिक सिस्टम में ‘विच हंट’ चल रही है.
डोनाल्ड ट्रंप और जैयर बोलसोनारो के रिश्ते जगजाहिर हैं. दोनों दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी धड़े का हिस्सा माने जाते हैं और ट्रंप इस ट्रायल को एक “राजनीतिक साजिश” बता रहे हैं. उनकी इस टिप्पणी से ब्राजील में भी दक्षिणपंथी लामबंदी और तेज़ हो गई है.
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किस साजिश के आरोप में फंसे हैं बोलसोनारो?
बोलसोनारो पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने एक ऐसे आपराधिक संगठन का नेतृत्व किया, जिसने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में मिली हार के बाद लोकतंत्र को चुनौती देने की योजना बनाई. अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस साजिश में सिर्फ चुनावी नतीजे पलटने की ही नहीं, बल्कि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और जज एलेक्जेंडर डी मोरेस की हत्या की योजना भी शामिल थी.
यह मामला तब और बड़ा बन गया जब ब्राजील की फेडरल पुलिस ने उनके ब्रासीलिया स्थित आवास पर छापेमारी कर मोबाइल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त किए. पुलिस का कहना है कि ये डिवाइस केस की जांच में अहम सबूत बन सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय निगाहों में है ब्राजील की सियासी तपिश
ब्राजील की राजनीति में यह मुकदमा एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है. बोलसोनारो देश के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति हैं, जिन्हें तख्तापलट की कोशिश के आरोप में नजरबंद किया गया है.
दुनिया की तमाम नजरें इस केस पर टिकी हुई हैं. खासकर तब जब अमेरिका और ब्राजील के बीच ट्रेड वॉर की आहट सुनाई दे रही है. ऐसे में यह मामला दोनों देशों के संबंधों पर भी गहरा असर डाल सकता है.
– भारत एक्सप्रेस
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