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कुख्यात मिंग के परिवार के 16 सदस्यों को चीन ने दी फांसी की सजा, म्यांमार में ड्रग्स, जुए और वेश्यावृत्ति का चलाता था नेटवर्क

चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, वेनझोउ की एक अदालत ने मिंग परिवार के 39 सदस्यों को दोषी ठहराया. मिंग के बेटे मिंग गुओपिंग और पोती मिंग झेनझेन सहित ग्यारह को तत्काल फांसी की सज़ा सुनाई गई, पांच को निलंबित मृत्युदंड दिया गया.

China Executes 16 Ming Family Members: चीन ने म्यांमार के माफिया सरगना मिंग ज़ुएचांग (Ming Xuechang)के परिवार के 16 सदस्यों को मौत की सज़ा सुनाई है, जिनमें उसका बेटा, बेटी और एक पोती भी शामिल हैं. मिंग कबीले ने म्यांमार के कोकांग शहर को ड्रग्स, ऑनलाइन घोटालों और वेश्यावृत्ति का अड्डा बना दिया था. हज़ारों चीनी मज़दूरों को वहां अवैध गतिविधियों में धकेला गया और जो भी भागने की कोशिश करता, उसे मिंग के निजी सशस्त्र मिलिशिया ने गोली मार दी.

आइये जानते हैं कि आखिर म्यांमार का कोकांग इलाका घोटालों का शहर कैसे बन गया और चीन ने अपने ड्रग कार्टेल और घोटाला इन केंद्रों को कैसे ध्वस्त किया?

मिंग परिवार के 16 सदस्यों को फांसी क्यों मिली ?

चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, वेनझोउ की एक अदालत ने मिंग परिवार के 39 सदस्यों को दोषी ठहराया. मिंग के बेटे मिंग गुओपिंग और पोती मिंग झेनझेन सहित ग्यारह को तत्काल फांसी की सज़ा सुनाई गई, पांच को निलंबित मृत्युदंड दिया गया और 23 अन्य को 24 साल तक की जेल की सज़ा सुनाई गई.

वेनझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने फैसला सुनाया कि परिवार ने कोकांग में अवैध कैसीनो, मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क, वेश्यावृत्ति के गिरोह और ऑनलाइन स्कैम सेंटर ऑपरेट किए थे, जिससे अनुमान के अनुमान के मुताबिक 1.4 अरब डॉलर का अवैध मुनाफा कमाया गया.

घोटालों और जुए का अड्डा बना कोकांग

1948 में म्यांमार को ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद देश की सेना और पुलिस को अपने सीमावर्ती क्षेत्रों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. चीनी सीमा से लगे कोकांग के घने जंगली इलाके में स्थानीय लोग अफीम की खेती करते थे. इससे म्यांमार के विद्रोही समूहों के नेताओं, जो इस क्षेत्र पर नियंत्रण रखते थे, को अच्छा-खासा मुनाफा होता था.

पेंग जियाशेंग.

1990 के दशक तक नाम का एक मिलीट्री कमांडर चीन समर्थित बर्मी कम्युनिस्ट पार्टी का कमांडर बन गया था. उस समय म्यांमार में एक सैन्य सरकार थी जो 1988 के जन विद्रोह से कमज़ोर हो गई थी, जिसके बाद यहां आंग सान सू की विपक्षी नेता के रूप में उभरीं.

पेंग जियाशेंग (Peng Jiasheng) ने अपनी सेना बनाई और म्यांमार में अफीम के व्यापार पर नियंत्रण कर लिया. 1989 में बर्मी कम्युनिस्ट पार्टी कई विद्रोही गुटों में विभाजित हो गई. पेंग के अलावा, वेई चाओरेन, लियू गुओक्सी और लियू झेंगजियांग के नेतृत्व में तीन अन्य गुट उभरे.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना को इस बात का डर था कि पेंग और अन्य गुट विपक्ष में शामिल हो सकते हैं, इसलिए सेना ने इन समूहों को कुछ हद तक ऑटोनॉमी के साथ अपने क्षेत्र चलाने की अनुमति दे दी. हालांकि, सेना ने पेंग और अन्य पर मादक पदार्थों की तस्करी कम करने का दबाव डाला, जिसने पेंग कोकांग को जुए के अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया.

2000 के दशक तक कोकांग का जुआ व्यवसाय फल-फूल रहा था. चूंकि चीन में जुआ अवैध है, इसलिए चीनी पर्यटक यहां आते थे और भारी रकम खर्च करते थे.

चीन ने कोकांग के माफिया नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया

चीन लंबे समय से म्यांमार पर कोकांग के स्केम सेंटरों को बंद करने का दबाव बना रहा था, लेकिन सैन्य तानाशाही ने इस दबाव को नज़रअंदाज़ कर दिया. अक्टूबर 2023 में मामला तब और बिगड़ गया जब सुरक्षाकर्मियों ने एक घोटाले वाले परिसर से भागने की कोशिश कर रहे 50-100 मज़दूरों पर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए. रिपोर्टों से पता चला है कि पीड़ितों में से कुछ गुप्त चीनी अधिकारी थे.

मिंग परिवार के सदस्यों के खिलाफ चीन ने गिरफ़्तारी वारंट जारी किए. उसी समय, ब्रदरहुड अलायंस—पेंग के म्यांमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सेना (MNDAA) सहित तीन जातीय सशस्त्र समूहों का एक गठबंधन—ने म्यांमार सेना और कोकांग माफिया के खिलाफ एक आक्रामक अभियान शुरू किया. चीन ने गुप्त रूप से इस अभियान का समर्थन किया.

2022 में पेंग जियाशेंग की मौत हो गई.

15 नवंबर 2023 को जब दमन चरम पर था, मिंग ज़ुएचांग ने गिरफ़्तारी से बचने के लिए खुद को गोली मार ली. वहीं उनके बेटे, बेटी और पोती को पकड़कर चीनी अधिकारियों को सौंप दिया गया. कोकांग MNDAA के नियंत्रण में आ गया, जबकि बाई सुओचेंग और अन्य कमांडर गायब हो गए.

मौत की सजा को लेकर चीन में क्या कानून हैं ?

चीन में मादक पदार्थों की तस्करी और भ्रष्टाचार सहित 46 प्रकार के अपराधों के लिए मृत्युदंड की अनुमति है. आपराधिक कानून के तहत, नाबालिगों, गर्भवती महिलाओं या 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता. मृत्युदंड तत्काल या दो साल के लिए निलंबित किया जा सकता है, कभी-कभी आजीवन कारावास में भी बदला जा सकता है. इसके खिलाफ सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट में अपील की जा सकती है, लेकिन चीन में दोषसिद्धि की दर बहुत अधिक है.


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-भारत एक्सप्रेस



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