दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में जब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से पूछा गया कि क्या छोटे क्लस्टर में न्यूक्लियर एनर्जी के इस्तेमाल पर चर्चा हुई है तो उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है. उन्होंने कहा कि पहला प्रोजेक्ट संभवतः महाराष्ट्र में ही शुरू होगा क्योंकि राज्य सरकार ने एक भारतीय सरकारी कंपनी और एक रूसी कंपनी के साथ समझौता किया है. नए विकास के चलते अब छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) बनाए जाएंगे, जो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर बिजली की जरूरतों को पूरा करेंगे. खासकर डेटा सेंटर, नगर निगम, निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थान मिलकर इन प्रोजेक्ट्स को फंड करेंगे.
महाराष्ट्र का सोलर मॉडल
सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने आगे बताया कि दावोस में एनर्जी ट्रांजिशन पर एक खास सेशन हुआ जिसमें जिम्बाब्वे के मंत्री और भारत सरकार के मंत्री भी शामिल थे. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के सोलर मॉडल को विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि राज्य ने एशिया का सबसे बड़ा डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, जो किसानों को 16,000 मेगावॉट बिजली उपलब्ध कराता है. देश में जितने भी सोलर पंप लगे हैं, उनमें से 60% अकेले महाराष्ट्र में हैं. इसी वजह से महाराष्ट्र प्रधानमंत्री की कुसुम योजना में पहले स्थान पर है.
रूफटॉप सोलर पर क्या बोले?
सीएम (Devendra Fadnavis) ने बताया कि राज्य ने 4000 मेगावॉट का रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट भी पूरा कर लिया है. रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान के अनुसार, 2030 तक महाराष्ट्र की 52% बिजली गैर-पारंपरिक स्रोतों से आएगी. इस मॉडल को इंटरनेशनल सोलर अलायंस ने सराहा और इसे केस स्टडी के तौर पर अन्य देशों में भेजने की बात कही.
मुंबई में सर्कुलर इकॉनमी
इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि मुंबई को सस्टेनेबल सिटी बनाने के लिए सर्कुलर इकॉनमी की घोषणा की गई है. इसके तहत पानी, ठोस कचरा, औद्योगिक अपशिष्ट, ई-वेस्ट और प्लास्टिक की पूरी तरह से रीसाइक्लिंग होगी. इससे मुंबई की हवा और पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी और शहर रहने योग्य बनेगा.
इनोवेशन सिटी ने बड़ी घोषणा की
सीएम (Devendra Fadnavis) ने दावोस में एक और बड़ी घोषणा की. उन्होंने बताया कि पिछले साल यहां AI और इनोवेशन इकोसिस्टम पर चर्चा हुई थी, जिससे उन्हें महाराष्ट्र में इनोवेशन सिटी बनाने का विचार आया. इस आइडिया पर उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन से बात की और उनका समर्थन मांगा. अब दावोस में 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने इस प्रोजेक्ट को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया है.
टाटा संस करेगा निवेश
उन्होंने (Devendra Fadnavis) कहा कि टाटा संस ने इस इनोवेशन सिटी के लिए 11 बिलियन डॉलर निवेश करने का वादा किया है, जिसमें एक बड़ा डेटा सेंटर भी शामिल होगा. इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने इसमें गहरी रुचि दिखाई है. मुंबई के पास बनने वाली यह इनोवेशन सिटी भारत की पहली होगी, जो ग्लोबल इनोवेशन इकोसिस्टम को आकर्षित करेगी.
उन्होंने (Devendra Fadnavis) बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए जगह की पहचान कर ली गई है और इसका प्रारंभिक नक्शा भी तैयार है. योजना है कि अगले छह से आठ महीनों में काम शुरू कर दिया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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