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फ्रांस में खिड़कियों पर क्यों चाक रगड़ रहे हैं लोग? 40 डिग्री की भीषण गर्मी से बचने के लिए निकाला यह अनोखा और सस्ता जुगाड़

France Heatwave: फ्रांस में भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग चाक को अपनी शीशे की दीवारों और खिड़कियों पर घिस रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इससे घर ना सिर्फ ठंडा रहता है बल्कि खर्च भी कम होता है. चाक के उपयोग से टेंपरेचर में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ जाती है.

France Heatwave

France Heatwave

France Heatwave: पूरा यूरोप इस समय भयंकर गर्मी की चपेट में है. नदी-नाले सूख रहे हैं. जिन नहरों में पहले वाटर बोट चलती थीं, वो नहरें बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही हैं. फ्रांस भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की चपेट में है. लोग सड़कों पर निकलना कम कर दिये हैं. इसी बीच वहां कुछ आश्चर्यजनक देखने को मिल रहा है. वहां के दुकानों में एक साधारण सी चाक की अचानक से कमी हो गई है. लोग दुकान-दुकान घूम रहे हैं, पर उन्हें चाक मिल ही नहीं रही है.

इसके पीछे का कारण वहां के लोगों की चाक के अजीब उपयोग पर है. दरअसल फ्रांस में भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग चाक को अपनी शीशे की दीवारों और खिड़कियों पर घिस रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इससे घर ना सिर्फ ठंडा रहता है बल्कि खर्च भी कम होता है. क्या सच में चाक के उपयोग से गर्मी से राहत मिलती है और इसके पीछे का विज्ञान क्या कहता है?

फ्रांस में 40 डिग्री टेंपरेचर से लोग परेशान

बीबीसी कि रिपोर्ट के मुताबिक चाक को ब्लैंक डे मेउडॉन या मेउडॉन व्हाइटिंग कहा जाता है. जिसका उपयोग आम तौर पर पेंट या सफाई उत्पादों में किया जाता है. इसे पानी में घोलकर कांच पर लगाने से एक दूधिया सफेद परत बन जाती है. जो कुछ रोशनी को घरों के अंदर आने तो देती है लेकिन गर्मी को परिवर्तित कर देती है. जिससे घर ठंडा और आरामदायक बना रहता है.

फ्रांस में इस समय तेज गर्मी पड़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां लू की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. जिसकी वजह से खुले और बगैर एसी के रहने वाली अधिकतर फ्रांसीसी आबादी परेशान हो चुकी है. ऐसे में वो अपनी खिड़कियों पर चाक का उपयोग कर रहे हैं.

चाक का सफेद रंग करता है किरणों को परावर्तित

वैज्ञानिकों के मुताबिक चाक का सफेद रंग सूरज की रोशनी को परावर्तित कर देती है. वहीं जो किरणें परावर्तित नहीं हो पाती उन्हों यह सोख लेता है. इससे घर में रौशनी तो पहुंचती है पर गर्मी नहीं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से बेहद राहत महसूस होती है. बताया जा रहा है कि इसके उपयोग से तापमान में कम से कम 1.7 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ जाती है.

वैज्ञानिकों के अनुसंधान में यह बताया गया है कि सफेद रंग सूर्य की रोशनी को 98 प्रतिशत से ज्यादा परिवर्तित कर देता है. इसलिए चाक को जब शीशे की खिड़कियों पर पेंट किया जाता है तो रोशनी तो आती है पर हीट नहीं.

देश में चाक की हो गई कमी

फ्रांस की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि चाक की बढ़ती मांग के चलते देश में इसके स्टॉक की कमी हो गई है. लोग 40 डिग्री के तापमान से जूझ रहे हैं.

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जब से ये तरकीब वायरल हुई है इसकी मांग में भारी उछाल आया है. लोग दुकानों की खिड़कियों से लेकर घरों और स्कूलों तक पर इसको पेंट कर रहे हैं. इससे इसके उत्पादन में भारी उछाल आया है.

-भारत एक्सप्रेस



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