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Hamas ने Israel को दी चेतावनी, कहा- जिद नहीं छोड़ी तो बंधकों की वापसी ताबूत में होगी

बीते 1 सितंबर को गाजा में छह बंधकों के मृत पाए जाने के बाद हजारों की संख्या में इजरायली लोग शोक और गुस्से में सड़कों पर उतर आए. विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

गाजा में बंधक बनाए गए 6 लोगों की हत्या के बाद इजरायल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

हमास ने इजरायल को चेतावनी दी है कि सैन्य दबाव के जरिये बंधकों को रिहा कराने की उसकी जिद के परिणाम बुरा होगा. बंधकों को ‘ताबूतों में अपने परिवारों के पास पहुंचाया जाएगा.’ हमास की सैन्य शाखा अल-कस्साम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘कैदियों की सुरक्षा के लिए तैनात लड़ाकों को नए निर्देश दिए गए हैं. उन्हें बता दिया गया है कि इजरायली सेना के बंदी गृहों तक पहुंचने से पहले बंधकों से कैसे निपटना है.’

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में ओबैदा के हवाले से ये जानकारी दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक ओबैदा ने कहा है कि बंधकों की मौत के जिम्मेदार इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या इजरायली आर्मी होगी.

सैन्य दबाव से काम लेंगे तो…

उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, ‘नेतन्याहू समझौते की बजाय अगर सैन्य दबाव से काम लेंगे तो जान लें कि बंधक ताबूतों में अपने परिवारों के पास लौटेंगे. अब उनके परिवारों को यह चुनना है कि वे उन्हें (बंधकों) जीवित चाहते हैं या मृत.’

यह बयान गाजा से दो महिलाओं और चार पुरुषों के शव बरामद होने के बाद आया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने कहा कि सैनिकों के पहुंचने से कुछ समय पहले ही हमास की सुरंग में उनकी मौत हो गई.

इजरायल ने कहा कि कार्मेल गैट, एडेन येरुशालमी, हर्श गोल्डबर्ग-पोलिन, अलेक्जेंडर लोबानोव, अल्मोग सरुसी और मास्टर सार्जेंट ओरी डैनिनो को इजरायली सैनिकों द्वारा खोजे जाने से कुछ समय पहले हमास ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इजरायल में विरोध प्रदर्शन

बीते रविवार (1 सितंबर) को गाजा में छह बंधकों के मृत पाए जाने के बाद हजारों की संख्या में इजरायली लोग शोक और गुस्से में सड़कों पर उतर आए. परिवारों और ज्यादातर लोगों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोषी ठहराया और कहा कि लगभग 11 महीने पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए हमास के साथ समझौते के जरिये उन्हें जिंदा वापस लाया जा सकता था. उन्होंने मांग की कि बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हमास के साथ युद्ध विराम पर बातचीत करें.


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हालांकि अन्य लोग हमास पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखने की श्री नेतन्याहू की रणनीति का समर्थन करते हैं, जिसके 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमले ने युद्ध को जन्म दिया था. उनका कहना है कि इससे अंतत: आतंकवादियों को इजरायल की मांगों के आगे झुकना पड़ेगा, संभावित रूप से अधिक सफल बचाव कार्य हो सकेंगे और अंतत: समूह का सफाया हो जाएगा.

गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को वापस न लौटाने के विरोध में इजरायल में विरोध प्रदर्शन जारी है. सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के घर के बाहर सड़क से खाली ताबूतों का एक जुलूस गुजरा. प्रदर्शनकारी काफी संख्या में इजरायली झंडों के बीच ताबूतों को ले गए. इन प्रदर्शनों के चलते देश भर में बंद और अन्य व्यवधान उत्पन्न हुए, जिसमें इसका मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है.

हमास की एक प्रमुख मांग यह है कि इजरायल मिस्र के साथ गाजा की सीमा पर स्थित भूमि की पट्टी, जिसे फिलाडेल्फिया कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है, से अपनी सभी सेनाओं को हटा ले.

कड़ी कार्रवाई करेगा इजरायल: नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सप्ताहांत में छह बंधकों की हत्या के बाद इजरायल, हमास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा. नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह जवाब जुलाई में हिजबुल्लाह के खिलाफ किए गए जवाबी हमले जैसा होगा, जिसमें ईरान समर्थित समूह के शीर्ष कमांडर फुआद शुकर की मौत हो गई थी.

नेतन्याहू ने सोमवार रात एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम हमास से भारी कीमत वसूलने जा रहे हैं. मैं आपको यह नहीं बताने जा रहा हूं कि कीमत क्या होगी और हम क्या करने जा रहे हैं, यहां आश्चर्य का तत्व होने जा रहा है.’

-भारत एक्सप्रेस



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