पीएम मोदी 7 साल बाद चीन के दौरे पर गए हैं.
PM Modi in China: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात साल बाद चीन की यात्रा की और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद, सीमा मुद्दों और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई. मोदी ने कहा कि दोनों देशों का सहयोग 2.8 अरब लोगों को फायदा पहुंचाएगा और मानवता के कल्याण का रास्ता खोलेगा.
मोदी-जिनपिंग मुलाकात: 50 मिनट की महत्वपूर्ण चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात वर्षों के अंतराल के बाद चीन पहुंचे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. यह बैठक लगभग 50 मिनट तक चली, जिसमें दोनों नेताओं ने विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. PM मोदी ने इस दौरान आतंकवाद को एक वैश्विक समस्या बताते हुए चीन से इसके खिलाफ लड़ाई में सहयोग की मांग की. उन्होंने मई में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी.
在天津上海合作组织峰会期间,我与习近平主席举行了富有成果的会晤。我们回顾了自上次喀山会晤以来印中关系的积极发展势头。我们一致认为保持边境地区的和平与安宁十分重要,并重申了在相互尊重、互利共赢和相互体谅的基础上加强合作的承诺。 pic.twitter.com/ughJElPTMW
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए बड़ा खतरा है और दोनों देशों को मिलकर इसका मुकाबला करना चाहिए.
आतंकवाद पर चीन से सहयोग की उम्मीद – पीएम मोदी
बैठक में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा. पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से अपील की कि चीन भारत के साथ मिलकर इस समस्या से निपटे. उन्होंने इसे वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा कि बिना भेदभाव के सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना चाहिए. रिपोर्ट्स के अनुसार, PM मोदी ने इस मुद्दे पर चीन की भूमिका को रेखांकित किया और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. यह अपील ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं, और भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसकी निंदा करता रहा है.
What an incredible and grand welcome for PM Modi in China! The warm reception, complete with a ceremonial guard and a young child presenting flowers, truly reflects the global stature he commands. His presence at the SCO Summit showcases his unparalleled diplomatic prowess,… pic.twitter.com/07aKWWFMZA
— Sachin Singh (@sachin_173) August 30, 2025
सीमा मुद्दों पर प्रगति हुई, शांति का माहौल स्थापित हो
PM मोदी ने जिनपिंग के साथ सीमा विवादों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है, जिससे सीमा पर सैनिकों की वापसी संभव हुई. इससे शांति और स्थिरता का माहौल बना है. पिछले साल कजान में हुई बैठक का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उस चर्चा से दोनों देशों के संबंधों में सुधार आया. कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हो गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से चालू हो रही हैं. ये कदम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं.

द्विपक्षीय सहयोग: 2.8 अरब लोगों के लिए फायदेमंद
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन का सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि दुनिया के 2.8 अरब लोगों के लिए फायदेमंद होगा. उन्होंने इसे पूरी मानवता के कल्याण का रास्ता बताया. मोदी ने कहा कि दोनों देश आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सफल अध्यक्षता के लिए चीन को बधाई दी और बैठक के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया. यह सहयोग आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा.
भारत करेगा ब्रिक्स समिट की मेजबानी, शी को न्योता
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को 2026 में भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए आमंत्रित किया. भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जबकि 17वां समिट ब्राजील में हुआ था. यह न्योता दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है. ब्रिक्स प्लेटफॉर्म पर दोनों देश वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा कर सकेंगे.

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीति में भारत और चीन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. दोनों देशों के बीच सहयोग से न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया में शांति और विकास की नई उम्मीदें जागी हैं. हालांकि, सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन इस बैठक से सकारात्मक संकेत मिले हैं.
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