Operation Sindhu
ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत अब तक 2,576 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक स्वदेश वापस ला लिया है. इस मानवीय अभियान की सराहना करते हुए लौटे नागरिकों ने सरकार और भारतीय दूतावास का आभार जताया.
भारतीय नागरिकों ने बताया कि ईरान में हालात काफी गंभीर थे. वहां रहना मुश्किल हो गया था. हर पल डर के साए में बीत रहा था. अगर भारतीय दूतावास ने हमें होटल में नहीं रखा होता तो हालात और खराब हो सकते थे.
इस संबंध में एक भारतीय नागरिक कासिम ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि अपने वतन लौट आया हूं. पूरी व्यवस्था बहुत अच्छी थी. सरकार और दूतावास ने बेहतरीन काम किया है. वहीं लद्दाख निवासी सैयद महबूब, जो ईरान के क़ोम शहर में रह रहे थे, ने बताया कि मैं दूतावास की मदद से दिल्ली पहुंचा हूं. दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं. भारत आकर बहुत सुकून मिला है.
11वीं फ्लाइट से 281 नागरिक सुरक्षित लौटे
24 जून को विशेष विमान के जरिए 281 भारतीय नागरिकों के साथ-साथ 3 श्रीलंकाई और 2 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित दिल्ली लाया गया. यह ‘ऑपरेशन सिंधु’ की 11वीं उड़ान थी. इस उड़ान के बाद कुल 2,576 भारतीयों को संघर्षग्रस्त ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है.
विदेश राज्य मंत्री ने किया स्वागत
विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने दिल्ली एयरपोर्ट पर इन नागरिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने कहा,
हमारी सरकार हर जरूरतमंद को संकट के समय मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है. हमने न सिर्फ भारतीयों को बल्कि श्रीलंका और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी सहायता दी है. अब तक ईरान से 11 फ्लाइट्स के जरिए 2,576 और इज़राइल से 594 भारतीयों को वापस लाया गया है. कुल मिलाकर 3,180 भारतीयों को ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत सुरक्षित स्वदेश पहुंचाया गया है. ऑपरेशन सिंधु सिर्फ भारत के नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि हमारे पड़ोसी देशों के लिए भी मदद का प्रतीक है. हम हर उस भारतीय को वापस लाएंगे जो मदद मांग रहा है.
ईरान-इज़राइल संघर्ष पर अमेरिका की पहल
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इज़राइल और ईरान ने पूर्ण संघर्षविराम पर सहमति जताई है. यह घोषणा ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी एयरबेस पर हमला करने के कुछ घंटों बाद आई है.
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13 जून से शुरू हुआ था तनाव
13 जून को इज़राइल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नाम से ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला किया था. जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3” के तहत इज़राइल के लड़ाकू विमान ईंधन संयंत्रों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया.
तनाव और बढ़ गया जब अमेरिका ने रविवार सुबह “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स पर हमला किया. इसके जवाब में ईरान ने कतर और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों, खासकर अल उदीद एयरबेस पर मिसाइलें दागीं.
– भारत एक्सप्रेस
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