Bharat Express DD Free Dish

पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, सम्मेलन कर दुनिया से लगाई गुहार; सिंधु जल संधि पर मांगा समर्थन

Pakistan Indus River: भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश की.

Pakistan Indus River

Pakistan Indus River: पहले से आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के सामने अब पानी का मुद्दा भी बड़ी चिंता बन गया है. भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले ने पाकिस्तान की बेचैनी और बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान के मंत्री, सांसद और अधिकारी लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस संधि को बहाल रखने की अपील कर रहे हैं.

सम्मेलन कर जुटा रहे समर्थन

इसी बीच पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया. सम्मेलन में सरकार के कई मंत्री, सांसद, अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ और जल विशेषज्ञ शामिल हुए. इसका उद्देश्य भारत के फैसले के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना और दुनिया के सामने पाकिस्तान का पक्ष रखना था.

पाक मंत्री की निकली हेकड़ी

सम्मेलन में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि सिंधु जल संधि केवल पानी के बंटवारे का समझौता नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में शांति और आपसी सहयोग की अहम कड़ी है. उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधनों का इस्तेमाल किसी भी देश को दबाव बनाने के लिए नहीं करना चाहिए. डार ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान के जल अधिकारों को नुकसान पहुंचा, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता और करोड़ों लोगों के हितों पर पड़ सकता है.

वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि सिंधु जल संधि किसी एक देश की मेहरबानी नहीं, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसका दोनों देशों को सम्मान करना चाहिए.

सम्मेलन में सीनेटर मुसद्दिक मलिक ने भी भारत के फैसले की आलोचना की. उनका कहना था कि यदि कोई देश अपनी मर्जी से किसी अंतरराष्ट्रीय संधि को निलंबित कर सकता है, तो इससे दुनिया के दूसरे समझौतों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होगी. उन्होंने सिंधु जल संधि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण समझौतों में से एक बताया.

अप्रैल 2025 में किया था स्थगित

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इस फैसले के साथ भारत ने साफ संदेश दिया कि आतंकवाद और सामान्य रिश्ते एक साथ नहीं चल सकते. साथ ही, पश्चिमी नदियों से जुड़ी जलविद्युत और जल प्रबंधन परियोजनाओं पर काम भी तेज कर दिया गया.


ये भी पढ़ें: ये हैं दुनिया की वो नदियां, जिनमें बहता पानी नीला नहीं…बल्कि दिखा सुर्ख लाल; कुछ का तो रातों-रात बदल गया था रंग


सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान की खेती, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान को पानी के प्रवाह और उससे जुड़ी जरूरी हाइड्रोलॉजिकल जानकारी मिलने में दिक्कत आ रही है. इसी कारण पाकिस्तान इस मुद्दे को लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है. वहीं, भारत का कहना है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद पर प्रभावी रोक नहीं लगती, तब तक सिंधु जल संधि को पहले की तरह लागू नहीं किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read