कुदरत का करिश्मा या प्रदूषण का कहर? दुनिया की वो नदियां जो दिखती हैं खून जैसी लाल
दुनियाभर में ऐसी कई नदियां और झीलें हैं जो अपने अनोखे रंग और रहस्यों के लिए जानी जाती हैं. आमतौर पर नदियों का पानी साफ या हल्का नीला-हरा दिखाई देता है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी नदियां भी हैं जिनका पानी अचानक खून की तरह सुर्ख लाल हो गया. इस खौफनाक और हैरान कर देने वाले नजारे को देखकर स्थानीय लोग अक्सर इसे किसी दैवीय प्रकोप या अपशकुन से जोड़कर देखने लगते हैं.
भारत से लेकर रूस, चीन और अर्जेंटीना तक ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां नदियों का रंग रातोंरात बदल गया. आइए जानते हैं इसके पीछे क्या वजह रही होगी.
रूस की दालदीकान नदी: जब पानी हुआ गाढ़ा लाल
रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित दालदीकान नदी (Daldykan River) का पानी अचानक गहरे लाल रंग में बदल गया था. इस नजारे ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था. वैज्ञानिकों और जांच एजेंसियों ने जब इसकी तफ्तीश की, तो पता चला कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि इंसानी लापरवाही थी. नदी के पास ही स्थित एक बड़ी निकेल धातु की फैक्ट्री के पाइपलाइन से भारी मात्रा में रासायनिक कचरा (केमिकल वेस्ट) लीक होकर नदी में मिल गया था, जिससे नदी का पानी लाल हो गया था.

चीन की जियान नदी: रातोंरात ‘खून’ में बदली धारा
चीन के लुओयांग शहर से बहने वाली जियान नदी (Jian River) का रंग भी एक सुबह अचानक पूरी तरह से लाल पाया गया. स्थानीय निवासी जब सुबह उठे तो नदी को देखकर खौफ में आ गए. जांच में सामने आया कि शहर की दो अवैध डाइंग (कपड़ा रंगने वाली) फैक्ट्रियों ने चोरी-छिपे भारी मात्रा में लाल रंग का केमिकल और कचरा नदी के बरसाती नाले में बहा दिया था, जिसने पूरी नदी को लाल कर दिया था.

अर्जेंटीना की रियो चिली: पानी कुदरती कारणों से लाल
अर्जेंटीना में स्थित ‘रियो चिली’ (Rio Chili) नदी का पानी हमेशा से ही लाल रहता है. हालांकि, यह प्रदूषण की वजह से नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. इस नदी के पानी में आयरन ऑक्साइड (Iron Oxide) की मात्रा बहुत ज्यादा है, जो पानी के साथ मिलकर उसे स्वाभाविक रूप से जंग जैसा लाल रंग प्रदान करती है.

भारत की लोनार झील: जब गुलाबी से लाल हुआ पानी
भारत के महाराष्ट्र में स्थित ऐतिहासिक लोनार झील (Lonar Lake), जो एक उल्कापिंड के टकराने से बनी थी, का पानी भी साल 2020 में अचानक रातोंरात बदलकर गुलाबी और फिर सुर्ख लाल हो गया था. हालांकि, यह किसी प्रदूषण की वजह से नहीं बल्कि एक प्राकृतिक घटना थी. वैज्ञानिकों के शोध में पता चला कि पानी में ‘हेलोआर्किया’ (Haloarchaea) नामक सूक्ष्मजीवों और विशेष एलगी (शैवाल) की संख्या अत्यधिक बढ़ने और खारेपन के कारण पानी का रंग बदल गया था.

वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी भी जलस्रोत का पानी लाल होने के मुख्य रूप से दो कारण होते हैं:
औद्योगिक प्रदूषण (Industrial Pollution): फैक्ट्रियों से निकलने वाले आयरन ऑक्साइड, केमिकल डाई और भारी धातुएं जब पानी में मिलती हैं, तो पानी का रंग रातोंरात बदल जाता है.
रेड एलगल ब्लूम (Red Algal Bloom): जब मौसम में अचानक बदलाव होता है और पानी में लवणता (नमक) बढ़ती है, तो कुछ विशेष प्रकार के लाल शैवाल और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, जिससे पानी का रंग प्राकृतिक रूप से लाल या गुलाबी दिखाई देने लगता है.
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